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MP में अब घूसखोरों के मददगार भी नपेंगे, लोकायुक्त ने पहली बार रिश्वतखोर महिला पटवारी के साथ उसके पति को भी बनाया सह-आरोपी

यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के भ्रष्टाचार में उसके स्वजन या किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।

By amit mishraEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 07:49:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 07:49:32 PM (IST)
MP में अब घूसखोरों के मददगार भी नपेंगे, लोकायुक्त ने पहली बार रिश्वतखोर महिला पटवारी के साथ उसके पति को भी बनाया सह-आरोपी
MP में अब घूसखोरों के मददगार भी नपेंगे( एआई फोटो)

HighLights

  1. ग्वालियर में पहली बार रिश्वत मामले में महिला पटवारी के पति को भी सह-आरोपी बनाया गया
  2. लोकायुक्त जांच में खुलासा, रिश्वत की पहली किस्त पति ने वसूली और पूरी डीलिंग वही करता था
  3. घूसखोरी के लिए निजी ऑफिस चलाने का भी खुलासा, दूसरे पटवारी और मकान मालिक से होगी पूछताछ

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के भ्रष्टाचार में उसके स्वजन या किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी सह-आरोपी बनाया जाएगा। इसी कार्रवाई के तहत ग्वालियर में रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ी गई महिला पटवारी रेखा शाक्य के पति कृष्णकांत शाक्य को भी आरोपी बनाया गया है। पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में केवल महिला पटवारी का नाम था, लेकिन अब जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर उसके पति का नाम भी जोड़ा गया है। उसे जल्द नोटिस जारी किया जाएगा।

पति ने ही वसूली थी रिश्वत की पहली किस्त

मुरार के सिरसौद गांव निवासी मंगाराम ने अपनी बहन गुड्डी बाई और पत्नी सावित्री बाई के नाम जमीन का नामांतरण कराने के लिए आवेदन किया था। आवेदन लंबित रहने पर जब उन्होंने महिला पटवारी रेखा शाक्य से कारण पूछा तो उसने अपने पति कृष्णकांत का मोबाइल नंबर दिया। मंगाराम के संपर्क करने पर कृष्णकांत ने नामांतरण के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी और कहा कि बिना पैसे काम नहीं होगा। जांच में सामने आया कि रिश्वत की पहली किस्त 3,500 रुपये भी उसी ने वसूली थी। दूसरी किस्त 5,000 रुपये देने से पहले शिकायत लोकायुक्त तक पहुंच गई और 19 जून को महिला पटवारी रिश्वत लेते हुए ट्रैप हो गई।


घूसखोरी के लिए बनाया था निजी ऑफिस

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि महिला पटवारी रेखा शाक्य और पटवारी रणवीर पटेल ने मुरार में पूनम माथुर के मकान की ऊपरी मंजिल किराए पर लेकर उसे निजी ऑफिस बना रखा था। लोकायुक्त के अनुसार इसी स्थान से रिश्वतखोरी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अब मामले में मकान मालिक और दूसरे पटवारी से भी पूछताछ की जाएगी।

साक्ष्यों के आधार पर बढ़ी कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि जांच में मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि कृष्णकांत शाक्य पूरी रिश्वत की डीलिंग करता था और भ्रष्टाचार में बराबर का भागीदार था। इसी आधार पर उसे भी सह-आरोपी बनाया गया है। लोकायुक्त अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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