सम्राट मिहिर भोज मूर्ति विवाद: हाई कोर्ट ने कहा- दोनों पक्ष दें आपत्तियां, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले में हाई कोर्ट द्वारा गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी है, लेकिन रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 10:00:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 10:39:46 PM (IST)
HighLights
- चीफ जस्टिस की कोर्ट में सुनवाई, कमेटी ने पेश की रिपोर्ट
- संवाद और आपत्तियों के परीक्षण से निकलेगा समाधान
- प्रशासन को निर्देश- शहर की शांति व्यवस्था से न हो समझौता
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति को लेकर चल रहे विवाद में गुरुवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की मौजूदगी में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से उनकी आपत्तियां प्रस्तुत करने को कहा गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले का समाधान संवाद और आपत्तियों के परीक्षण के आधार पर निकाला जाए।
रिपोर्ट अभी नहीं की सार्वजनिक
मामले में हाई कोर्ट द्वारा गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी है, लेकिन रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। सुनवाई के दौरान कमेटी द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों और इतिहासकारों के साथ हुए संवाद तथा विवाद के समाधान के लिए तैयार की गई योजना के संबंध में जानकारी ली गई।
चीफ जस्टिस ने दोनों समाजों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपनी-अपनी आपत्तियां कोर्ट के समक्ष रखें। इसके बाद कमेटी की रिपोर्ट और दोनों पक्षों की आपत्तियों के आधार पर आगे की दिशा तय किए जाने की संभावना है।
प्रदर्शन की सूचना पर कानून-व्यवस्था को लेकर निर्देश
शुक्रवार को शहर में मूर्ति विवाद को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन की बात भी सामने आई। इस पर हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाद के कारण शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि यदि किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति बनती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बता दें कि पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी को दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों और इतिहासकारों से संवाद कर विवाद के समाधान की संभावनाएं तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब कमेटी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश होने के बाद सुनवाई का केंद्र इस बात पर है कि दोनों पक्षों की आपत्तियों और कमेटी के सुझावों के आधार पर विवाद का स्वीकार्य समाधान किस तरह निकाला जा सकता है। कोर्ट अब कमेटी की रिपोर्ट, पक्षकारों की आपत्तियों और प्रस्तावित कार्ययोजना पर विचार करने के बाद मामले में आगे की दिशा तय करेगा।