ग्वालियर पासपोर्ट कांड: भंते सम्यक बोधि के खाते से लाखों का लेन-देन, सरगना रियाल चौधरी करता था ऑपरेट
गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि मूल रूप से ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत संजय नगर, गोल पहाड़िया का रहने वाला है। लेकिन उसने खाता विदिशा मे...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 08:52:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:53:12 PM (IST)
गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि। सोशल मीडियाHighLights
- खाते से संदिग्ध लेनदेन
- रियाल चौधरी करता था ऑपरेट
- फंडिंग की जांच में जुटी STF
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जाली दस्तावेजों के जरिए 70 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने भंते गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि को गिरफ्तार किया था। उसके नाम से जो बैंक खाता है, उसमें लाखों रुपये का लेनदेन है। कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन एसटीएफ को मिले हैं। खास बात यह है कि इस खाते को भंते सम्यक बोधि नहीं बल्कि पासपोर्ट कांड का सरगना रियाल चौधरी ऑपरेट करता था। यह पूरा लेनदेन उसी के द्वारा किया गया। अब स्पेशल टास्क फोर्स की टीम इस कांड में फंडिंग की जांच कर रही है।
ग्वालियर के संजय नगर का रहने वाला है भंते सम्यक बोधि
भंते सम्यक बोधि मूल रूप से ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत संजय नगर, गोल पहाड़िया का रहने वाला है। लेकिन उसने खाता विदिशा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खुलवाया। वह ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध मठ में रहता था। विदिशा में खाता खुलवाने के संबंध में जांच अधिकारी ने उससे सवाल पूछा तो वह चुप्पी साध गया।
एक पासपोर्ट पर 50 हजार से ज्यादा खर्च
फंडिंग की दिशा में एसटीएफ की जांच आगे बढ़ रही है। जांच में सामने आया है कि रियाल चौधरी बौद्ध भिक्षु बन गया था। वह बांग्लादेश से असम के रास्ते भारत आया। फिर पासपोर्ट बनवाया।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अलग-अलग राज्यों के बौद्ध मठ तक जाता था। एक पासपोर्ट बनवाने के एवज में औसतन 50 हजार रुपये तक खर्च हुआ।
इसमें पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी व अन्य लोगों को रिश्वत भी दी। जाली दस्तावेज बनवाए। कुल 70 पासपोर्ट बनवाए गए। इतना रुपया इसके पास कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है।