
नई दुनिया, ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के औद्योगिक परिदृश्य को समृद्ध बनाने और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। हाल ही में ग्वालियर को टेलीकाम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की मंजूरी मिलने के बाद, अब जिले के मोहना औद्योगिक क्षेत्र को केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित 'भारत औद्योगिक विकास योजना' में शामिल कर लिया गया है।
यह निर्णय ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग एवं औद्योगिक हब के रूप में उभारने में एक मील का पत्थर साबित होगा। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) द्वारा इस औद्योगिक क्षेत्र को 210 हेक्टेयर भूमि में विकसित किया जा रहा है।
मोहना औद्योगिक क्षेत्र के इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने से इसके ढांचागत विकास के लिए वित्तीय संसाधनों का संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके बुनियादी ढांचे को आकार देने में एमपीआइडीसी के साथ-साथ केंद्र सरकार भी अपनी पूर्ण भागीदारी निभाएगी। केंद्र सरकार से मिलने वाली सीधी वित्तीय सहायता और उन्नत तकनीकी सहयोग से मोहना में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का तीव्र गति से निर्माण किया जाएगा। इस विकास कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
मोहना औद्योगिक क्षेत्र को पूरी तरह अत्याधुनिक 'प्लग एंड प्ले' मॉडल के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि यहां उद्योग स्थापित करने वाले नए निवेशकों को भूमि अधिग्रहण, प्राथमिक स्वीकृतियों अथवा बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
MPIDC द्वारा निवेशकों को पूरी तरह तैयार रेडी-टू-यूज़ शेड्स मुहैया कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गुणवत्ता परीक्षण के लिए इन-हाउस टेस्टिंग लैब्स तथा अनुसंधान केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही 24 घंटे निर्बाध बिजली, जल आपूर्ति, चौड़ी सड़कें और आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
अंचल में गेहूं, सरसों और धान जैसे कृषि उत्पादों की प्रचुरता तथा टेक्सटाइल क्षेत्र में पारंपरिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए एमपीआइडीसी मोहना में विशेष रूप से टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को आकर्षित कर रहा है। इसके लिए अधिकारियों ने देश-प्रदेश के शीर्ष उद्योगपतियों से चर्चा शुरू कर दी है। क्लस्टर आधारित विकास से कच्चे माल से लेकर पैकेजिंग और लाजिस्टिक्स तक की पूरी वैल्यू चेन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
इस विकास से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का रुझान ग्वालियर की ओर बढ़ेगा, जिससे सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश आएगा। मोहना, घाटीगांव और भंवरपुरा जैसे आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे पलायन रुकेगा। इसके अलावा ग्वालियर-शिवपुरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने से लाजिस्टिक्स की लागत कम होगी और तैयार माल को प्रमुख बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
मोहना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा था। भारत औद्योगिक विकास योजना में मोहना को शामिल करने के लिए पिछले दिनों प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। प्रस्ताव को मान्य करते हुए केंद्र सरकार ने मोहना को इस योजना में शामिल किया है। अब इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास में केंद्र सरकार भी हिस्सा देगी।
-अनीषा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी ग्वालियर