ग्वालियर फोर्ट पर सफाई अभियान: एक डंपर से ज्यादा निकला कचरा, झाड़ियों में मिलीं शराब की बोतलें और प्लास्टिक
आइईसी टीम ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया।स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत नगर निगम और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे के सेवादारों, सामाजिक संस्थाओं तथा
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 09:38:23 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 09:38:59 PM (IST)
किले पर सफाई अभियान चलाते वालेंटियर। सौजन्य: नगर निगमHighLights
- झाड़ियों से जुटाया कचरा
- 100 से अधिक वालेंटियर
- दुकानदारों को समझाइश
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। विश्व पर्यटन दिवस पर रविवार को ग्वालियर किले पर चलाए गए सफाई अभियान में एक डंपर से अधिक कचरा निकला। किले के अलग-अलग हिस्सों में शराब की बोतलें, कांच के टुकड़े, प्लास्टिक की बोतलें, पालीथिन, चाय के कप और दोने बड़ी संख्या में बिखरे मिले। सबसे अधिक गंदगी मानसिंह महल के सामने झाड़ियों से लेकर सास-बहू मंदिर के आसपास मिली। करीब चार घंटे चले अभियान में 100 से अधिक वालेंटियरों ने कचरा एकत्र किया।
आइईसी टीम ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया।स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत नगर निगम और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे के सेवादारों, सामाजिक संस्थाओं तथा
सुबह छह बजे शुरू हुए अभियान में वालेंटियरों को दो-दो के समूह में बांटकर कैरी बैग दिए गए। इसके बाद उन्होंने किले के विभिन्न हिस्सों में घूमकर हाथ से कचरा एकत्र किया। वर्षा के कारण किले की झाड़ियां काफी बढ़ गई हैं। हवा के साथ उड़कर पहुंचे प्लास्टिक, पालीथिन, कप और दोने इन्हीं झाड़ियों में फंसे मिले।
इन्हें निकालने के लिए वालेंटियरों को झाड़ियों के बीच जाकर काफी मशक्कत करनी पड़ी। सफाई के बाद किले के संबंधित हिस्सों से बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया।
दुकानदारों को डस्टबिन रखने की दी समझाइश
मानसिंह महल के पास वाहन स्टैंड के सामने चाय-नाश्ते और पानी की दुकानें लगाने वाले दुकानदारों को भी समझाइश दी गई। उनसे दुकान पर डस्टबिन रखने और ग्राहकों से कचरा उसी में डलवाने के लिए कहा गया। खुले में कचरा नहीं फेंकने और उसे टिपर वाहन में डालने की हिदायत भी दी गई। अभियान के दौरान स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सावित्री श्रीवास्तव, प्रमोद धनेले, शबनम, अर्जुन, कार्यपालन यंत्री शिशिर श्रीवास्तव, आइईसी समन्वयक विजेता सिंह चौहान सहित डिवाइन, दीक्षा फाउंडेशन और म्यूज संस्था के सदस्य मौजूद रहे। वाहन स्टैंड पर गुरुद्वारे के सेवादारों ने दो पौधे भी रोपे।