ग्वालियर के मोतीमहल में 19.18 करोड़ से बनेगा 'म्यूजियम ऑफ म्यूजिक', सहेजी जाएंगी तानसेन की स्मृतियां
म्यूजियम ऑफ म्यूजिक के लिए मोतीमहल परिसर में स्थित संभागायुक्त के पुराने कार्यालय के हॉल और कमरों को चुना गया है। यह दो मंजिला भवन है।
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 06:39:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 06:39:22 PM (IST)
HighLights
- तकनीकी बोली पूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण
- संभागायुक्त के पुराने कार्यालय में आकार लेगा संग्रहालय
- सिंधियाकालीन मोतीमहल में जुड़ेगा संगीत का नया अध्याय
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। संगीत सम्राट तानसेन की स्मृतियों और भारतीय संगीत की विरासत को सहेजने के लिए मोतीमहल में म्यूजियम ऑफ म्यूजिक आकार लेने जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने संग्रहालय के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। तकनीकी बोली की जांच पूरी हो चुकी है और अब वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
इसी महीने वित्तीय बोली की हो जाएगी प्रक्रिया पूरी
अधिकारियों को उम्मीद है कि इसी महीने वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद चयनित कंपनी को वर्क आर्डर जारी कर संग्रहालय का काम शुरू कराया जाएगा। पर्यटन बोर्ड ने इस परियोजना के लिए करीब 19.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। संग्रहालय में तानसेन के जीवन, उनकी संगीत साधना और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण स्मृतियों को गैलरी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय की पूरी थीम संगीत और भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा पर आधारित होगी।
संभागायुक्त के पुराने कार्यालय में बनेगा संग्रहालय
म्यूजियम ऑफ म्यूजिक के लिए मोतीमहल परिसर में स्थित संभागायुक्त के पुराने कार्यालय के हॉल और कमरों को चुना गया है। यह दो मंजिला भवन है।
आग लगने के बाद संभागायुक्त कार्यालय को मोतीमहल के दूसरे हिस्से में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद खाली हुए इस हिस्से को संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई।
भवन के दोनों तल पर अलग-अलग गैलरी और प्रदर्शनी क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। यहां तानसेन से जुड़ी सामग्री के साथ संगीत की परंपरा, वाद्य यंत्रों और ग्वालियर की संगीत विरासत को भी प्रदर्शित करने की योजना है।
संग्रहालय को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले पर्यटकों को ग्वालियर की संगीत परंपरा और तानसेन के योगदान की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।
अन्नपूर्णा भवन में तय हुआ था पहला स्थान
म्यूजियम ऑफ म्यूजिक की योजना के लिए पहले मोतीमहल परिसर के अन्नपूर्णा भवन में स्थान तय किया गया था। केंद्र सरकार की ओर से तानसेन के नाम पर संगीत संग्रहालय के लिए राशि स्वीकृत किए जाने के बाद यह स्थान प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, अन्नपूर्णा भवन पर्यटन निगम को उपलब्ध नहीं हो सका। बाद में यहां स्मार्ट सिटी का इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित कर दिया गया। इसके कारण संग्रहालय की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
अब पर्यटन बोर्ड ने मोतीमहल के ही दूसरे हिस्से में संग्रहालय विकसित करने की तैयारी की है। इसके लिए दो मंजिला भवन का चयन किया गया है और टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। अब वित्तीय बोली पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन का रास्ता साफ होगा।
तानसेन की नगरी में पर्यटन को मिलेगा नया केंद्र
ग्वालियर की पहचान देश की प्रमुख संगीत परंपराओं में से एक ग्वालियर घराने और संगीत सम्राट तानसेन से जुड़ी है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाला तानसेन समारोह देश-विदेश के कलाकारों और संगीतप्रेमियों को आकर्षित करता है। ऐसे में म्यूजियम ऑफ म्यूजिक को शहर के पर्यटन और सांस्कृतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मोतीमहल जैसे ऐतिहासिक परिसर में संग्रहालय बनने से पर्यटकों को इतिहास, स्थापत्य और संगीत विरासत को एक साथ देखने का अवसर मिलेगा।
मोतीमहल : सिंधिया रियासत काल से प्रशासनिक केंद्र तक
- मोतीमहल ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत का प्रमुख हिस्सा है। इसका निर्माण सिंधिया राजवंश के दौर में हुआ और यह लंबे समय तक राजपरिवार की गतिविधियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा रहा।
- स्वतंत्रता के बाद भी मोतीमहल परिसर का महत्व बना रहा और यहां कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित हुए।
- ग्वालियर संभाग के प्रशासनिक केंद्र के रूप में भी इसकी पहचान रही है। विशाल परिसर, भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण मोतीमहल शहर के प्रमुख विरासत स्थलों में शामिल है।
- अब इसी ऐतिहासिक परिसर में तानसेन की स्मृतियों और भारतीय संगीत परंपरा को समर्पित म्यूजियम ऑफ म्यूजिक तैयार किया जा रहा है।
- इससे मोतीमहल की विरासत में संगीत और संस्कृति का नया अध्याय जुड़ेगा।