हादसे में मातम, अस्पताल में दिखावे की तैयारी! सिंधिया के लिए ग्रीन कार्पेट, सीएम के दौरे से पहले स्ट्रीट लाइटें लगने लगीं
आरोप है कि आम दिनों में बदहाल रहने वाली व्यवस्थाएं नेताओं के दौरे की खबर मिलते ही दुरुस्त की जाने लगती हैं।
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 05:53:53 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 05:56:17 PM (IST)
HighLights
- वीआईपी आगमन पर सुधरीं व्यवस्थाएं
- नेताओं के दौरों से आम मरीज बेहाल
- सुविधाओं के दिखावे पर उठते सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर के गेट पर हुए भीषण हादसे ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों में मातम पसरा है, घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बीच, व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि आम दिनों में बदहाल रहने वाली व्यवस्थाएं नेताओं के दौरे की खबर मिलते ही दुरुस्त की जाने लगती हैं।
गदाईपुरा में स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू
बीते दिन हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर ग्रीन कार्पेट बिछाए जाने का मामला सामने आया था। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्वालियर दौरे से पहले गदाईपुरा में स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू हो गया। गदाईपुरा में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के घर हैं और मुख्यमंत्री यहां पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचने वाले हैं।
सीएम के दौरे से पहले अस्पताल में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले अस्पताल में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। आरोप है कि मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए अस्पताल में नए स्ट्रेचर लगाए गए और बिस्तरों पर नई चादरें बिछाई गईं। सवाल यह है कि जब अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाओं की जरूरत होती है, तब ऐसी व्यवस्थाएं सामान्य दिनों में क्यों नजर नहीं आतीं?
मरीजों के परिजन बोले- आम दिनों में कोई सुध लेने वाला नहीं
अस्पताल में मौजूद मरीजों के अटेंडरों ने भी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सामान्य दिनों में मरीजों और उनके परिजनों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन बड़े नेताओं के दौरे के समय व्यवस्थाएं अचानक दुरुस्त दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अस्पताल की सुविधाएं मरीजों की जरूरत के हिसाब से बेहतर होंगी या फिर वीआईपी दौरे तक ही सीमित रहेंगी?
सीएम के आने से पहले आवाजाही पर असर
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले अस्पताल में अटेंडरों की आवाजाही रोके जाने की बात भी सामने आई। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होने की शिकायत है। हादसे के बाद जब अस्पताल में घायलों के इलाज और परिजनों को सहारा देने पर प्राथमिकता होनी चाहिए, तब सुरक्षा और दौरे की व्यवस्थाओं के बीच मरीजों की सुविधा प्रभावित होने पर सवाल उठना लाजिमी है।
हादसे के बीच व्यवस्था पर सवाल
शीतला माता मंदिर हादसे ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है। ऐसे समय में प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज, परिजनों को सहयोग और प्रभावित परिवारों की मदद होनी चाहिए। नेताओं के दौरे के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त करना अपनी जगह है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि अस्पताल और शहर की बुनियादी सुविधाएं आम दिनों में भी बेहतर रहें।