MP Board Exam Pattern: सत्र 2026-27 से बदलेगा 9वीं से 12वीं का परीक्षा पैटर्न, 2 अंक वाले प्रश्नों में खत्म होंगे विकल्प
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 15 अक्टूबर को जारी इस आदेश से राज्य के लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नए परीक्षा पैटर्न के अनु...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 06:10:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 06:10:32 PM (IST)
HighLights
- 2 अंकों के सभी अतिलघुउत्तरीय प्रश्न करने होंगे अनिवार्य
- 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों में मिलेगी विकल्प की सुविधा
- व्यावसायिक विषयों में निबंधात्मक प्रश्नों में मिलेगी राहत
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के पैटर्न में बदलाव करने की घोषणा की है। मण्डल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आगामी शैक्षणिक सत्र से मुख्य विषयों के प्रश्न पत्रों में दो अंकों के अतिलघुउत्तरीय प्रश्नों से आंतरिक विकल्प की सुविधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मण्डल द्वारा 15 अक्टूबर को जारी इस आदेश से राज्य के लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करनी होगी।
नए परीक्षा पैटर्न के मुख्य बिंदु
- दो अंकों के प्रश्न (अति लघुउत्तरीय): मुख्य विषयों के प्रश्न पत्रों में दो अंक वाले प्रश्नों में अब कोई आंतरिक विकल्प नहीं मिलेगा। छात्रों को पूछे गए सभी दो अंकों के प्रश्नों के उत्तर देने अनिवार्य होंगे।
- तीन और चार अंकों के प्रश्न (लघुउत्तरीय एवं दीर्घउत्तरीय): तीन अंकों वाले लघुउत्तरीय प्रश्नों तथा चार अंकों वाले दीर्घउत्तरीय प्रश्नों में पहले की तरह आंतरिक विकल्प की सुविधा यथावत जारी रहेगी।
एनएसक्यूएफ (व्यावसायिक) विषय
नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क यानि एनएसक्यूएफ विषयों के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। इन विषयों में पांच अंकों के दीर्घउत्तरीय प्रश्नों और सात अंकों के निबंधात्मक प्रश्नों में आंतरिक विकल्प की नई सुविधा शुरू की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा यह बदलाव पाठ्यचर्या समिति की बैठक और कार्यपालिका समिति की स्वीकृति के अनुपालन में लागू किया गया है। यह नियम आगामी सत्र की परीक्षाओं से प्रभावी होगा। सभी स्कूलों और प्राचार्यों को बोर्ड ने जो निर्देश जारी किए हैं उनके मुताबिक सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्य एवं समन्वयक संस्थाओं को निर्देशित किया है कि वे इस नए नियम से सभी विद्यार्थियों और उनके पालकों-अभिभावकों को समय रहते अवगत कराएं ताकि छात्र अपनी तैयारी नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कर सकें।