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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Election 2023: प्रत्याशियों ने किया जीत का दावा बताया अपना-अपना आधार

MP Election 2023: मतदाताओं का फैसला दो दिन पहले ईवीएम में कैद हो चुका है। फैसला क्या है, यह मतगणना के बाद तीन दिसंबर को ही सामने आएगा। इसके बावजूद शहर...और पढ़ें

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Mon, 20 Nov 2023 10:56:06 AM (IST)Updated Date: Mon, 20 Nov 2023 10:56:06 AM (IST)
MP Election 2023: प्रत्याशियों ने किया जीत का दावा बताया अपना-अपना आधार

MP Election 2023: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। मतदाताओं का फैसला दो दिन पहले ईवीएम में कैद हो चुका है। फैसला क्या है, यह मतगणना के बाद तीन दिसंबर को ही सामने आएगा। इसके बावजूद शहर की विधानसभाओं सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। नईदुनिया ने प्रत्याशियों व उनके रणनीतिकारों से बात कर जानने का प्रयास किया कि उनकी जीत का आधार क्या है। कांग्रेस ओवर आल अंडर करंट और सत्ताविरोधी लहर बता रही हैं। दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस के इन दावों को नकारते हुए कह रही है कि लाड़ली बहनों और विकास पर मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिला है।

ग्वालियर दक्षिण: भाजपा- सारकार की योजनाएं, कांग्रेस-जनता में आक्रोश

भाजपा प्रत्याशी- नारायण सिंह कुशवाह से सीधी बात नहीं हो पाई, उनके रणनीतिकारों के अनुसार उनकी जीत के यह आधार हैं-

1- सरल और सहज हैं, राजनीति में रहकर राजनीति के प्रपंचों से सदैव दूर रहे हैं।

2- ईमानदार छवि, उनके दामन पर एक भी दाग नहीं लगा है।

3- प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों का प्रतिसाद भी भाजपा को मिला है।

कांग्रेस प्रत्याशी- कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक भी दूसरी बार दक्षिण विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं। उनके रणनीतिकारों का कहना है कि वे लोगों को सदैव उपलब्ध रहे हैं।

1- सरल और सहज सुलभता से क्षेत्र के लोग काफी प्रभावित हैं।

2- स्कूल का उन्नयन हो या फिर क्षेत्र का विकास प्रमुखता से किए हैं।

3- कांग्रेस व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के वादों पर क्षेत्र की जनता का प्रतिसाद मिलना तय है।

ग्वालियर पूर्व: भाजपा-लाडली बहना पर भरोसा, कांग्रेस: हमेशा जनता के बीच रहा

कांग्रेस प्रत्याशी: सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार चुनाव मैदान में है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने देखा कि कितनी तन्मयता के साथ उनकी सेवा की है। जीत के तीन आधार हैं।

1- हमेशा जनता के बीच रहा, हर समस्या को अपनी समस्या समझकर उसका हर कीमत पर निराकरण करने की कोशिश की।

2- विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।

3-कमल नाथ की विकास के प्रति संकल्पबद्धता मतदाता को पसंद आई है।

भाजपा प्रत्याशी: माया सिंह का कहना है कि जीत के आधार तो कई होते हैं। भारतीय जनता पार्टी ही जीत की मूल आधार है।

1- भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है, क्षेत्र के लोगों का विश्वास भाजपा के साथ है।

2- लाड़ली बहना व भांजियां भाजपा सरकार की नीतियों से काफी खुश हैं और उसका प्रतिसाद भाजपा को निसंदेह मिलेगा।

3- क्षेत्र के विकास के लिए पहले भी कार्य किये हैं। अब भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जाएंगें।

ग्वालियर: भाजपा-क्षेत्र की तस्वीर बदली, कांग्रेस-प्रदेश में बदलाव की लहर

भाजपा प्रत्याशी- प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि मेरा कुछ कहना ठीक नहीं होगा, क्योंकि फैसला जनता सुना चुकी है। केवल रिजल्ट घोषित होना शेष हैं, उन्होंने अपनी जीत के तीन आधार बताए।

1- क्षेत्रीय मतदाताओं से निरंतर संपर्क सहज और सरलता से उपलब्धता।

2- क्षेत्र के विकास को गति प्रदान की और हर कार्य जनता को भगवान को मानकर किया।

3- निसंदेह क्षेत्र की तस्वीर बदली है और औद्योगिक क्रांति के लिए क्षेत्र की जनता भाजपा में विश्वास जताएगी।

कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा का कहना है कि जनता

कांग्रेस प्रत्याशी- सुनील शर्मा का कहना है कि जनता अपना फैसला दे चुकी है। निसंदेह मतदाताओं ने इस बार फैसला काफी सोच-समझकर लिया है। जीत के तीन आधार हैं।

1- क्षेत्र में निरंतर उपलब्धता, छोटी हो या बड़ी समस्या के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया है।

2- पिछले 30 वर्षों से जनता के बीच रहा हूं, जनता को कभी गुमराह नहीं किया, हर सुख-दुख में शामिल हुआ।

3- समूचे प्रदेश में परिवर्तन की लहर थी, मतदाता से यह छिपा नहीं था।