नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। फर्जी दस्तावेज के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के हिंदू नाम से भारतीय पासपोर्ट जारी होने के मामले में अब पुलिस वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। डबरा थाने से शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया एसपी कार्यालय की पासपोर्ट सेल और फिर पासपोर्ट सेवा केंद्र तक पहुंची, लेकिन किसी भी स्तर पर कथित फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आया।
मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और संबंधित रिकार्ड जुटाए। एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि जिन लोगों के नाम पर पुलिस वेरिफिकेशन हुआ, उनकी पहचान और पते का भौतिक सत्यापन किस आधार पर किया गया था। साथ ही
यह भी जांच की जा रही है कि पुलिस स्तर से क्लियर रिपोर्ट जारी होने के बाद एसपी कार्यालय की पासपोर्ट सेल में दस्तावेजों की स्क्रूटनी किस तरह की गई।
बीट प्रभारी ने बनाई थी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट
जांच में सामने आया है कि जिस अवधि में डबरा थाने से संदिग्ध पुलिस वेरिफिकेशन किए गए, उस दौरान विनायक शुक्ला थाना प्रभारी थे। वर्तमान में वे दतिया जिले में एसडीओपी बड़ौनी के पद पर पदस्थ हैं। उस समय डबरा थाने के बीट प्रभारी भूपेंद्र गुर्जर थे। बताया जा रहा है कि बीट प्रभारी ने आवेदकों के पते और पहचान का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की थी।
इस रिपोर्ट के आधार पर थाना स्तर से क्लियरेंस दी गई और रिपोर्ट एसपी कार्यालय भेजी गई। अब एसटीएफ यह जांच रही है कि मौके पर सत्यापन वास्तव में हुआ था या नहीं और रिपोर्ट में दर्ज जानकारी का आधार क्या था।
पासपोर्ट सेल की स्क्रूटनी पर भी सवाल
थाना स्तर से रिपोर्ट एसपी कार्यालय की पासपोर्ट सेल पहुंची। यहां से इसे पासपोर्ट सेवा केंद्र भेजा गया। एसटीएफ यह जांच कर रही है कि पासपोर्ट सेल में रिपोर्ट और दस्तावेज की जांच के दौरान कथित विसंगतियां क्यों नहीं पकड़ी गईं। इसके बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र के स्तर पर भी दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।
सात राज्यों में तलाश, कुछ थाईलैंड पहुंचे
एसटीएफ को जांच में पता चला है कि फर्जी दस्तावेज पर पासपोर्ट हासिल करने वाले कुछ संदिग्ध भारत से बाहर निकलकर थाईलैंड पहुंच गए हैं। इनमें कुछ के बौद्ध भिक्षु के रूप में रहने की जानकारी मिली है। वहीं अन्य संदिग्धों की तलाश में सात राज्यों में एसटीएफ की टीमें भेजी गई हैं।
पासपोर्ट रद कराने की तैयारी
एसटीएफ के अनुसार, जांच में फर्जी पाए जाने वाले पासपोर्ट रद्द कराने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। जो संदिग्ध अभी भारत में हैं, वे फर्जी दस्तावेजों से बने पासपोर्ट के जरिए विदेश न निकल सकें, इसके लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विदेश भाग चुके संदिग्धों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
नोटिस देकर दर्ज होंगे बयान
एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार मामले में किसी भी जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा। तत्कालीन डबरा थाना प्रभारी, संबंधित बीट प्रभारी, एसपी कार्यालय की पासपोर्ट सेल से जुड़े अधिकारी और पासपोर्ट सेवा केंद्र के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस वेरिफिकेशन में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी पत्राचार किया जाएगा।