MP फर्जी पासपोर्ट कांड की STF जांच में बांग्लादेश के मठों से संदिग्ध कनेक्शन, 10 से ज्यादा खातों पर नजर
ग्वालियर फर्जी पासपोर्ट कांड में बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी दस्तावेज, बौद्ध मठों से कथित कनेक्शन, पासपोर्ट केंद्र की संदिग्ध भूमिका और 10 से अधिक ब...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 02:23:26 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 02:23:26 PM (IST)
MP फर्जी पासपोर्ट कांड की STF जांच में बांग्लादेश के मठों से संदिग्ध कनेक्शन। (फाइल फोटो)HighLights
- बांग्लादेशी नागरिकों ने कथित तौर पर बौद्ध धर्म अपनाया था।
- स्थानीय मठों के पतों से फर्जी दस्तावेज तैयार हुए।
- फर्जी पासपोर्ट मामले में अंदरूनी गठजोड़ की जांच जारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: मध्य प्रदेश में उजागर हुए फर्जी पासपोर्ट कांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े के बेहद चौंकाने वाले और देश की सुरक्षा से जुड़े नए पहलू सामने आ रहे हैं। बांग्लादेशी नागरिक भारत में पनाह पाने और पहचान छिपाने के लिए ‘धर्म का चोला’ ओढ़ रहे हैं।
बांग्लादेश के बौद्ध मठों से जुड़े तार
- स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में राजफाश हुआ है कि घुसपैठिये बांग्लादेशी नागरिक बौद्ध धर्म अपनाकर भारतीय नागरिकता के फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट तैयार करवा रहे थे। इतना ही नहीं, इस पूरे सिंडिकेट के तार सीधे बांग्लादेश स्थित बौद्ध मठों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने वित्तीय सांठगांठ (मनी ट्रेल) पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की फंडिंग के सोर्स को उजागर किया जा सके। स्थानीय पतों पर बने फर्जी दस्तावेज
- स्थानीय बौद्ध मठों के पतों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड, वोटर आइडी और फिर पासपोर्ट सेवा केंद्र की मदद से भारतीय पासपोर्ट बनवाए गए। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बांग्लादेश के बौद्ध मठों से जुड़ा यह कनेक्शन सिर्फ पहचान छिपाने का जरिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है।
- धर्म की आड़ में घुसपैठ का खेल एसटीएफ की रडार पर मनी ट्रेल और विदेशी कनेक्शन सिंडिकेट के तार सीधे बांग्लादेश स्थित बौद्ध मठों से भी जुड़ रहे हैं।
पासपोर्ट सेवा केंद्र में अंदरूनी गठजोड़ की हो रही तलाश
एसटीएफ के अधिकारियों का मानना है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इतने बड़े पैमाने पर एक ही तरह के पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट जारी होना संभव नहीं है। पासपोर्ट सेवा केंद्र का एक विशिष्ट कर्मचारी जांच के घेरे में है, जिसकी लोकेशन और नेटवर्क की मैपिंग की जा रही है।
10 से ज्यादा संदिग्ध खाते और हवाला कनेक्शन
अब तक की जांच में फर्जीवाड़े से जुड़े 10 से अधिक बैंक खाते चिन्हित किए गए हैं, जिनमें संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या इन खातों में रकम किसी संगठित नेटवर्क या हवाला के जरिए भेजी गई थी।