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MP के किसानों के लिए खुशखबरी, ग्वालियर में पंचायत स्तर पर लगेंगे बीज प्लांट

मध्य प्रदेश में किसानों को उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बड़ी योजना शुरू की है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 08:45:46 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 08:45:46 PM (IST)
MP के किसानों के लिए खुशखबरी, ग्वालियर में पंचायत स्तर पर लगेंगे बीज प्लांट
ग्वालियर में किसानों को मिलेगा उच्च गुणवत्ता वाला बीज (AI Generated Image)

HighLights

  1. 500 टन क्षमता का होगा प्लांट और गोदाम
  2. 50 प्रतिशत या 40 लाख तक अनुदान मिलेगा
  3. तीन किस्तों में दी जाएगी अनुदान राशि

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों को उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के बीज घटक के तहत अब ग्राम पंचायत स्तर पर आधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्र और बीज भंडारण गोदाम स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 5 नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं।

40 लाख रुपये तक मिलेगा अनुदान

योजना के प्रावधानों के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर 500 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता का बीज प्रसंस्करण संयंत्र और 500 मीट्रिक टन क्षमता का बीज भंडारण गोदाम स्थापित किया जाना है। इस पूरी इकाई की स्थापना लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये प्रति इकाई तय की गई है। शेष लागत चयनित हितग्राही संस्था को स्वयं वहन करनी होगी। इस योजना से ग्रामीण स्तर पर कृषि उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।


तीन किस्तों में होगा अनुदान का भुगतान

सरकार द्वारा अनुदान राशि का भुगतान तीन किस्तों में किया जाएगा। पहली किस्त 30 प्रतिशत या अधिकतम 12 लाख रुपये जिला कलेक्टर के साथ अनुबंध निष्पादन और लेआउट के बाद जारी होगी। दूसरी किस्त 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 लाख रुपये गोदाम निर्माण पूर्ण होने, अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट और मशीनरी ऑर्डर की प्रति उपलब्ध कराने पर मिलेगी। तीसरी और अंतिम किस्त 20 प्रतिशत या अधिकतम 8 लाख रुपये संयंत्र स्थापना पूर्ण होने और जिला स्तरीय तकनीकी समिति से गुणवत्ता और भौतिक सत्यापन प्रमाण पत्र मिलने के बाद दी जाएगी।

12 महीने में पूरा करना होगा काम

योजना के तहत इकाई का 30 प्रतिशत कार्य तीन महीने में, 60 प्रतिशत कार्य पांच महीने में और 100 प्रतिशत कार्य 12 महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य किया गया है। समय पर काम पूरा न करने पर अनुदान प्रभावित हो सकता है।

पात्रता और मेरिट सिस्टम से होगा चयन

इस योजना के तहत वे किसान उत्पादक संगठन और बहु-राज्य सहकारी समितियां पात्र होंगी, जिन्हें बीज उत्पादन का न्यूनतम दो साल का अनुभव है। हितग्राहियों के चयन के लिए 100 अंकों की मेरिट प्रणाली तय की गई है। इसमें संस्था के पास अपनी भूमि होने, कार्यक्षेत्र की पंचायत में गोदाम स्थापित करने, पहुंच मार्ग और बिजली की उपलब्धता, बीज उत्पादन का अनुभव, खरीफ-रबी दोनों सीजन में उत्पादन, पिछले तीन सालों की ऑडिट रिपोर्ट और पोर्टल पर पंजीयन जैसे बिंदुओं को आधार बनाया गया है।

यह योजना केंद्र के सहयोग से प्रदेश में शुरू की गई है। इसके माध्यम से एक तो किसान स्वयं बीज तैयार कर सकेंगे और भंडारित कर सकेंगे। साथ ही यह काम सहकारी संस्था व एफपीओ भी कर सकते है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है।

-भानुप्रकाश शर्मा, उप संचालक कृषि

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