
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश में भ्रष्टाचार के जरिए धनकुबेर के रूप में सामने आए परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर कार्रवाई के बाद भी विभाग से बदनामी का दाग नहीं हट रहा है। कभी चेक पोस्टों पर वसूली तो कभी ड्यूटी के दौरान गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि विभाग खुद की छवि को दुरुस्त करने के लिए ऐसे स्टाफ की कुंडली तैयार कर रहा है जो बदनामी का कारण बन रहे हैं।
परिवहन आयुक्त उमेश जोगा खुद यह सूची तैयार करा रहे हैं। जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है। ग्वालियर से इसकी शुरुआत कर डबरा और दतिया में कार्रवाई भी की गई है। बता दें कि सबसे ज्यादा परिवहन विभाग के चेक पोस्टों को लेकर बदनामी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्हें बंद कर चेक प्वाइंट के रूप में परिवर्तित किए जाने की व्यवस्था की, जहां अत्याधुनिक ढंग से वाहनों की चेकिंग की जाएगी।
व्यवस्था बदल दी गई लेकिन मैदानी अमले की आदत नहीं बदली। अलग-अलग क्षेत्रों से शिकायतों का सिलसिला चलता रहा। कभी उड़नदस्ता तो कभी चेक पोस्ट को लेकर शिकायतें अफसरों तक पहुंचीं। ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है, जो लगातार शिकायतों में आ रहे हैं।
हाल ही में डबरा हाईवे पर परिवहन आरक्षक बालाजी गुर्जर को लेकर शिकायत आई कि ट्रक को अनाधिकृत रूप से रोकने पर वीडियो बना रहे चालक का मोबाइल छीन लिया है, शिकायत आयुक्त उमेश जोगा तक पहुंची। तत्काल आरक्षक को निलंबित कर दिया गया। वहीं दतिया के चिरूला पर कर्मचारी सौरभ व्यास की शिकायत मिलने पर चेक प्वाइंट से दूसरी जगह भेज दिया गया।
परिवहन मुख्यालय में स्थित शिकायत सेल को भी सक्रिय किया जा रहा है। पहले से यहां काफी शिकायतें हैं लेकिन शिकायत पर तत्काल कार्रवाई या सुनवाई न होने के कारण जिसके खिलाफ शिकायत होती है वह अपना काम जारी रखता है और शिकायतकर्ता परेशान होता रहता है। अब इस सेल को सक्रिय कर शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की योजना है।
परिवहन विभाग में शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है, विभाग की छवि को लेकर जो भी ठीक से काम नहीं करेगा हम कार्रवाई करेंगे। ऐसे लोगों पर निगरानी करा रहे हैं।
-उमेश जोगा, आयुक्त, परिवहन विभाग, मप्र