
New features in AC: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। गर्मी परवान चढ़ते ही घरों में एसी (एयर कंडीशनर) आन हो गए हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी पड़ती है, इससे बचने के लिए लोग अब शहर के इलेक्ट्रानिक्स शोरूम से नए फीचर्स वाले एसी खरीदने में रुचि ले रहे हैं। निर्माता कंपनियों ने भी लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एसी में कई नए फीचर्स एड किए हैं। ये एसी लोगों को सिर्फ गर्मी में ठंडक ही नहीं दे रहे, बल्कि बल्कि उनकी सेहत का भी ख्याल रख रहे हैं। इसका राज यह है कि एसी में एयर प्यूरीफायर और कार्बन प्यूरीफायर जैसे फीचर्स आ गए हैं, जो कमरे को ठंडा करने के साथ ही बैक्टीरिया व गंदगी को बाहर कर देते हैं।
एसी निर्माता कंपनियां गर्मी के मौसम में नए-नए फीचर के साथ बाजार में प्रोडक्ट लेकर आई हैं। एक से लेकर तीन टन तक का एसी मार्केट में उपलब्ध है। यह 100 वर्गफीट के कमरे से 300 फीट के हाल को ठंड कर सकते हैं। यह एसी हवा को भी पूरी तरह से शुद्ध करते हैं।
- एसी का काबर्न प्यूरीफायर फीचर कमरे की बदबू को बाहर निकाल देता है।
- एयर प्यूरीफायर कमरे के अंदर की हवा में शामिल बैक्टीरिया को बाहर कर हवा को शुद्ध करता है।
- एसी 60 डिग्री तापमान तक में काम करता है।
- फिल्टर में आने वाले कचरे को काफी हद तक एसी खुद ही साफ कर देता है।
- एसी को सात मोड पर संचालित कर सकते हैं, डेढ़ टन के ऐसी को 0.5 से 1.7 टन तक के मोड पर चला सकते हैं।
इनवर्टर एसी पांच स्टार तक की रेटिंग के आते हैं, इसमें बिजली की बचत होती है। वहीं बिना इनवर्टर एसी की रेटिंग चार स्टार तक होती है और इनवर्टर एसी से अधिक बिजली खपत करते हैं। यदि पूरे साल के बिजली बिल पर नजर डालें तो करीब 100 से 200 यूनिट तक का अंतर रहता है। एसी के तकनीकी जानकार मनीष श्रीवास्तव बताते हैं कि इनवर्टर एसी सतत प्रक्रिया में संचालित रहता है, क्योंकि कमरे के तापमान के हिसाब से इसकी रफ्तार कम व ज्याद होती रहती है। वहीं कमरा ठंडा होने पर बिना इनवर्टर एसी बंद हो जाता है और जैसे ही तापमान नीचे आता है तो वह फिर चलने लगता है। हालांकि इसकी गति एक समान ही रहती है, इसलिए यह तेजी से कमरे की हवा को ठंडा करता है। यह एसी हर जगह काम करता है, जबकि बिना इनवर्टर एसी का उपयोग सीधे धूप के संपर्क में आने वाले कमरे किया जाता है, क्योंकि इस कक्ष को भीवह आसानी से ठंडा कर देता है। इनवर्टर वाले एसी का उपयोग उन कक्षों पर किया जाना उपयुक्त होता है जो सीधे धूप के संपर्क में न रहते हों।
- आप एसी जिस कक्ष में लगाने जा रहे हैं, वह कितने वर्गफीट का है।
- 100 वर्ग फीट के कक्ष के लिए एक टन, 150 वर्गफीट के कक्ष के लिए डेढ़ टन, 200 वर्गफीट के कक्ष के लिए दो टन और 300 वर्गफीट के लिए तीन टन का एसी उपयुक्त होता है।
- यदि कक्ष पर सीधे तौर पर धूप आती है और उसकी छत गर्म हो जाती है तो बिना इनवर्टर वाला एसी अधिक उपयुक्त रहता है।
- अधिक कूलिंग पावर वाला एसी अच्छा माना जाता है, क्योंकि कूलिंग पावर अधिक होने पर कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है।
- एसी पूरे साल में कितनी बिजली खपत करता है, यह उस पर लिखा होता है।
इलेक्ट्रानिक शोरूम पर कई ब्रांड के एसी उपलब्ध हैं, इनमें फीचर भी अलग-अलग हैं। डेढ़ टन के एसी की कीमत 29 हजार से 65 हजार तक है। इसी तरह से दो टन का एसी 40 हजार से 70 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं। वहीं तीन टन का एसी एक लाख 10 हजार रुपये में उपलब्ध है।
कूलर में भी बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अब कूलर किसी एसी से कम नहीं हैं। यह देखने में काफी खूबसूरत और नए फीचर के साथ उपलब्ध हैं। सेल्स एग्जीक्यूटिव अक्षित जैन बताते हैं कि प्लास्टिक बाडी में कागज की टटिया के साथ में अब मासक्यूटो नेट के साथ कूलर आ रहे हैं। जो कूलर के अंदर गंदगी, कीड़े, मच्छर, नहीं जाने देते। जिससे कूलर के अंदर के पानी में बदबू नहीं आती और जाली पर धूल जमा नहीं होती। कूलर अब रिमोट कंन्ट्रोल से संचालित होते हैं इसलिए अब इन्हें चालू या बंद करने के लिए आपको बेड से उठने की आवश्यकता नहीं। कूलर में टच स्क्रीन होने के साथ कूलर के संचालन को लेकर टाइम सेट किया जा सकता है। एक से लेकर 6 घंटे तक का समय सेट कर सकते हैं समय पूरा होने पर कूलर अपने आप ही बंद हो जाता है। 15 लीटर से लेकर 200 लीटर पानी की क्षमता का कूलर बाजार में उपलब्ध है जिसकी कीमत 5 हजार से 24 हजार रुपये तक होती है।