
ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शताब्दीपुरम स्थित दंदरौआधाम में चल रहे 165 कुण्डीय रुद्र महायज्ञ में हवन करते समय पांच कुण्डियों में अपने आप ऊँ का निशान बन जाने की खबर ने सनसनी फैला दी। हवन कुण्डियों पर बैठे यजमानों ने इस ऊँ के निशान के अपने मोबाइल से फोटो खींचे। वहीं यज्ञस्थल की परिक्रमा कर रहे सैकड़ों लोग भी यज्ञमण्डल के अंदर पहुंचे और ऊँ के निशान देखा। इस बात की अफवाह आसपास के क्षेत्रों में फैल गई। इसके बाद बाद बड़ी संख्या में लोग यज्ञ स्थल पर पहुंचे पर ऊँ के निशान वाली हवन कुण्डियों पर फूल चढ़ाकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। ऊँ का निशान बनने की सूचना मिलते ही कृष्णायन देशी गौरक्षाशाला के महंत व अन्य साधू संत भी ऊँ के दर्शन करने के लिए यज्ञमण्डल में पहुंचे।
बुधवार को चंद्रग्रहण के कारण दंदरौआधाम पर सुबह 5 बजे से पूजा और महायज्ञ शुरू हो गया था। दोपहर करीब 1 बजे तक चले इस महायज्ञ मण्डप से जब यजमान बाहर निकले और सीधे श्रीकृष्णायन देशी गौरक्षाशाला के महंत के पास पहुंचे और उन्हें बताया कि यज्ञ के दौरान जब वह आहुति दे रहे थे उसी समय उनके सामने हवन कुण्डी पर ऊँ की आकृति उभर आई। यजमानों ने अपने मोबाइल से इसका फोटो खींचकर दिखाएं।
जैसे ही यह बात अन्य लोगों को पता चली तो यज्ञमण्डप के अंदर जिन कुण्डियों में ऊँ की आकृति उभरी थी उन्हें देखने के लिए यज्ञस्थल पर मौजूद सैकड़ों की संख्या में लोग अंदर पहुंच गए। जल्द ही यह बात पूरे क्षेत्र में फैल गई और दीनदयाल नगर, शताब्दीपुरम सहित आसपास के लोग भी यज्ञमण्डप के अंदर पहुंचे और ऊँ की आकृति को देखा और वहां की पूजा अर्चना प्रांरभ कर दी। वहीं इस विषय पर जब श्रीकृष्णायन देशी गौरक्षाशाला के महंत से बात की तो उनका कहना था कि ऊँ की आकृति उभरने का संकेत है कि यज्ञ सफल हो गया है।