
Open Bore Wells News: ग्वालियर (नईदुिनया प्रतिनिधि)। प्रदेश भर में खासकर बुंदेलखंड में सूखे खुले बोरवेल में मासूमों की गिरकर मौत की घटनाओं को रोकने के लिए नईदुनिया के पहल का बड़ा असर हुआ है। सागर संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर, डीएफओ, नगरीय निकाय सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से बोरवेल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। चंबल अंचल के भिंड और मुरैना में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल बंद कराकर कार्यालय को जानकारी देने को कहा है।
सागर संभाग के कमिश्नर वीरेंद्र रावत ने पत्र के माध्यम से अपने निर्देशों में पूर्व की घटनाओं का उदाहरण देते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को कहा है। टीकमगढ़ में कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी ने बोरवेल बंद कराकर पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसी क्रम में शहर के महावीर रेसीडेंसी कालोनी के पास खुला हुआ बोरवेल पाए जाने पर तहसीलदार आरपी तिवारी पहुंचे। पीएचई की उपयंत्री ज्योति झा को भेजकर सीमेंट कंक्रीट के माध्यम से बंद कराया गया। डिकौली गांव में भी बोर बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
नईदुनिया अपील: शपथ लें बंद कराएं बोरवेल
शपथ लें बंद कराएंगे बोरवेल बच्चों की कब्रगाह बन चुके सूखे बोरवेल बंद कराने के लिए प्रशासन के साथ जनभागीदारी आवश्यक है। इसके लिए गांव-गांव में पंचों-सरपंचों को आगे आना होगा। वे ग्रामीणों को शपथ दिलाएं कि वे न सिर्फ अपने खेतों के बोरवेल बंद कराएंगे बल्कि जहां भी उन्हें बोरवेल खुला होगा उसे बंद कराने की शपथ दिलाएंगे। इस कार्य में पटवारी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुरैना में एक दर्जन गांवों में खुले बोरवेल बंद कराए गए
मुरैना में कलेक्टर अंकित अष्ठाना के निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग द्वारा जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में खुले नलकूप और बोर ढकने के लिए अभियान शुरू किया है, पचेर, बागचीनी, लोहा बसई, पिपरउआ, चचिहा, श्यारु, पाली, खंडखोली, सिमरोदा, पलना,चौकी, पुरावस कला, कोलुआ, सिहोनिया, गोपी, सिकरौदा, खंडौली, सेथरी, आदि ग्रामों में नलकूप बंद किए गए हैं।
पटवारी और पंचायत सचिव से रिपोर्ट मांगी, जिम्मेदारी तय की
भिंड में जिला पंचायत सीईओ मनोज सरयाम ने जनपद पंचायतों के सीईओ के माध्यम से पटवारी और पंचायत सचिव से रिपोर्ट मांगी है। बाराकलां और मछंड क्षेत्र में बोर बंद करवाए गए हैं। दतिया कलेक्टर संजय कुमार ने बताया कि बोरवेल को लेकर सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं पीएचई विभाग की टीम इस कार्य में लगी हुई है।
सात दिन में मांगा प्रतिवेदन
संभागायुक्त ने अधिकारियों से कार्रवाई कर सात दिनों में प्रतिवेदन रिपोर्ट देने को कहा है। जिसमें कहा गया है कि खुले पड़े बोरवेल को तत्काल बंद कराया जाए। उन्हें इस तरह से बंद कराएं कि वह खोले नहीं जा सकें। पूर्व में भी इस तरह के निर्देश दिए गए थे उन पर अमल कराएं। अक्सर देखने में आ रहा है कि कुओं की मुंडेर नहीं बनाई जाती। इससे घटना होने का डर बना रहता है। बिना मुंडेर वाले कुओं की करीब ढाई फीट की मुंडेर बनाई जाए। विभागीय अधिकरियों को कहना है कि वह लगातार मानीटरिंग और जांच पड़ताल कर रहे हैं। अगर कहीं कोई बोलवेल खुला पाया गया तो उसे तत्काल बंद कराया जाएगा।