
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पटवारी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बेरोजगार युवकों को ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में अब तक करीब 50 लाख रुपये की ठगी की कहानी सामने आई है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
अभी पुलिस के पास सात फरियादी पहुंचे हैं, जिनके साथ पटवारी की नौकरी लगवाने के नाम पर 50 लाख रुपये की ठगी हुई है। पुलिस ने तीन ठगों पर FIR दर्ज की है। एक खुद को व्यापमं का कर्मचारी और दूसरा STF जवान बताता था। थाटीपुर थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों पर मामला दर्ज किया है, उनमें अरविंद नरवरिया निवासी थाटीपुर, गोवर्धन तोमर निवासी बी-11, पुतराम वाली गली, सब्जी मंडी रोड, पोरसा और प्रदीप गौतम निवासी पोरसा, मुरैना शामिल हैं। इनके साथ ठगी के शिकार हुए युवकों में रवि शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, शत्रुघन शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान, सतेंद्र सिंह शामिल हैं।
फर्जीवाड़े का पूरा खेल बड़े ही शातिर तरीके से रचा गया। सिटी सेंटर स्थित महलगांव निवासी राजवीर सिंह तोमर और उनके साथियों की मुलाकात दिसंबर 2023 में अरविंद नरवरिया से हुई थी। आरोपियों ने खुद को बड़े अधिकारियों के करीबी बताकर बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसाया। अरविंद ने सबसे पहले प्रदीप गौतम से यह कहकर मिलवाया कि वह व्यापमं में कर्मचारी है और उनका काम कराएगा। इसके बाद गोवर्धन तोमर से मिलवाया, जिसे STF में आरक्षक बताया गया था।
पीड़ितों को पहले भोपाल ले जाकर व्यापमं में कंप्यूटर परीक्षा कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद STF में पदस्थ होने का दावा करने वाले गोवर्धन सिंह तोमर को आगे किया गया। आरोपियों ने पीड़ितों को एक फर्जी चयन सूची दिखाई और वेरिफिकेशन के नाम पर भोपाल, जबलपुर तथा भिंड कलेक्टर कार्यालय बुलाकर हस्ताक्षर करवाए। इससे युवकों को लगा कि वाकई उनकी सरकारी नौकरी लग रही है।
युवकों को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिए और कहा कि सही समय आने पर ज्वाइन करना होगा। इस दौरान आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 50 लाख रुपये अपने बैंक खातों और फोन-पे नंबरों पर ट्रांसफर करवा लिए।
एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, जिस पर आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया और पैसे देने से मना कर दिया। तंग आकर पीड़ितों ने थाटीपुर थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में एक व्यक्ति का नाम फरियादी नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि वह फोन पर खुद को यादव बताता था और बड़े अफसरों का करीबी बताता था। उसने कहा था- जितने रिश्तेदार हैं, उन सभी को ले आओ, नौकरी लगवा दूंगा। वह भोपाल में अपनी पहुंच बताता था। पुलिस नंबर के जरिये उसकी तलाश कर रही है।