सरकारी स्कूल का खेल मैदान अतिक्रमण मुक्त, ग्वालियर हाई कोर्ट ने कहा- दोबारा न हो अनधिकृत उपयोग
याचिका में मांग की गई थी कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विदिशा के परिसर से अतिक्रमणकारियों को हटाया जाए।
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 10:23:02 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 10:34:21 PM (IST)
HighLights
- खेल मैदान कब्जे पर याचिका समाप्त
- स्कूल प्राचार्य ने सौंपी रिपोर्ट
- मैदान सुरक्षित रखने के निर्देश
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। विदिशा के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर कथित कब्जे और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका का मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने निराकरण कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी स्कूल परिसरों और खेल मैदानों का उपयोग विद्यार्थियों की शैक्षणिक, शारीरिक और खेल गतिविधियों के लिए ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा किसी भी तरह के अनाधिकृत या अनुचित उपयोग की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश वाई. कोग्जे और न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की युगलपीठ ने 23 सितंबर को पवन सिंह रघुवंशी बनाम मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य मामले में यह आदेश पारित किया।
याचिका में मांग की गई है कि सरकारी स्कूल से अतिक्रमण हटाया जाए
याचिका में मांग की गई थी कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विदिशा के परिसर से अतिक्रमणकारियों को हटाया जाए। इसके अलावा नगर परिषद द्वारा कथित रूप से सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की जांच कराने, पूरे विदिशा जिले के सरकारी स्कूलों और खेल मैदानों को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा स्कूल परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि सरकारी स्कूलों से जुड़े खेल मैदान विद्यार्थियों के शारीरिक और समग्र विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। शिक्षा का अधिकार केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यक स्कूल सुविधाओं और आधारभूत संरचना तक विद्यार्थियों की पहुंच भी इसका हिस्सा है। इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के मामलों के फैसलों का हवाला दिया गया।
सरकार ने कहा- खेल परिसर का बोर्ड हटाया
राज्य की ओर से बताया गया कि विदिशा के स्कूल से संबंधित शिकायत का समाधान कर दिया गया है। 23 सितंबर को स्कूल प्राचार्य द्वारा जारी प्रमाणपत्र कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि खेल परिसर का बोर्ड हटा दिया गया है और शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का बोर्ड लगा दिया गया है। खेल मैदान की चाबियां भी स्कूल को सौंप दी गई हैं और विद्यार्थी बिना किसी बाधा के परिसर एवं सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
कोर्ट ने कहा- स्कूल परिसरों व खेल मैदानों को सुरक्षित रखा जाए
कोर्ट ने कहा कि स्कूलों के खेल मैदान और अन्य आधारभूत सुविधाएं विद्यार्थियों की शिक्षा और समग्र विकास के लिए हैं। कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत प्रमाणपत्र से स्पष्ट है कि तत्काल शिकायत का समाधान हो चुका है और विद्यार्थियों को मैदान का उपयोग करने में कोई बाधा नहीं , इसलिए अब इस मामले में कोई विवाद शेष नहीं है। हालांकि कोर्ट ने अपेक्षा जताई कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी स्कूल परिसरों और खेल मैदानों को सुरक्षित रखा जाए और उनका उपयोग विद्यार्थियों की शैक्षणिक, शारीरिक एवं खेल गतिविधियों के लिए ही हो। किसी भी अनधिकृत या अनुचित उपयोग की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।