ग्वालियर में सड़कों की जांच तेज: अब PWD की झांसी रोड की सैंपलिंग, सुबह से शाम तक 6 स्पॉट पर कटिंग
ग्वालियर में खराब सड़कों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसके चलते शहर में अलग-अलग एजेंसियों की सड़कों की सैंपलिंग कराई जा रही है0।
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 09:37:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 09:37:46 PM (IST)
सड़क की सैंपलिंग के लिए कट्टों में मलबा भरते कर्मचारी। वीडियोग्रेबHighLights
- कमिशन और पुलिस की मौजूदगी में सैंपलिंग
- सड़क की मोटाई और कंक्रीट की लैब में होगी जांच
- सड़कों को लेकर 17 सितंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर की खराब सड़कों को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश पर चल रही सड़कों की सैंपलिंग के क्रम में रविवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की एजी ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री तक की सड़क की सैंपलिंग की गई। यह सड़क पहले काफी जर्जर थी जिसे हाल ही में व्हाइट टापिंग तकनीक के जरिये बनाया गया है।
रविवार सुबह 11 बजे सैंपलिंग की प्रक्रिया हाई कोर्ट द्वारा गठित कमीशन की मौजूदगी में पुलिस के साथ हुई। छह जगहों पर शाम तक सैंपलिंग की गई जिसमें कोर कटिंग से लेकर सैपंलिंग के सभी मापदंड अपनाए गए। ट्रैफिक को लेकर लोग परेशान न हों इसको लेकर पुलिस भी मौजूद रही।
हाई कोर्ट में अब 17 सितंबर को सुनवाई की तिथि नियत है। सड़कों की सैंपलिंग तीन पार्ट में है, एक सैंपल विभाग, एक हाई कोर्ट और एक लैब में भेजा जा रहा है।
हाई कोर्ट में की गई है याचिका दायर
बता दें कि शहर में खराब सड़कों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसके चलते शहर में अलग अलग एजेंसियों की सड़कों की सैंपलिंग कराई जा रही है। सैंपल कोर ड्रिल मशीन और बैकहो लोडर की मदद से लिए गए। इनसे सड़क की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता और बेस मटेरियल की जांच होगी। सैंपल सील कर सीधे सेंट्रल टेस्टिंग लैब भेजे जाएंगे। रविवार को एजी आफिस से लेकर विक्की फैक्ट्री रोड पर अधिकारियों व मशीनों को देखकर आवागमन करने वाले लोग भी थोड़ी हैरत में पड़ गए कि यह क्या कार्रवाई हो रही है।
कमीशन और पुलिस की निगरानी में सैंपलिंग
हाई कोर्ट द्वारा गठित एडवोकेट कमीशन में चेयरमैन गौरव समाधिया, सदस्य पवन और हिमांशु शर्मा शामिल हैं। जांच के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर और कोर्ट द्वारा नामित कोर्ट कमिश्नर अधिवक्ता भी मौजूद रहे। इसके अलावा संबंधित एजेंसियों के अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
कब-कब कहां हुई सैंपलिंग
- 19 अगस्त को गुढ़ा-गुड़ी का नाका और बेटी बचाओ चौराहा की सड़कों से बैकहो लोडर मशीन और कोर ड्रिल मशीन की मदद से सैंपल लिए थे।
- 30 अगस्त को विक्की फैक्ट्री से झांसी रोड, चेतकपुरी से सिंधिया महल गेट और चेतकपुरी से एजी आफिस पुल तक तीन रूट की डिजिटल स्कैनिंग की गई थी। इसके लिए एनएसवी (नेटवर्क सर्वे व्हीकल) और हाईटेक कैमरों का इस्तेमाल किया गया था।
- 3 सितंबर को ग्वालियर बाइपास पर मेहरा टोल रोड से सैंपल लिए गए।
- 6 सितंबर को महल गेट चेतकपुरी रोड बसंत विहार होते हुए फूलबाग तक की रोड के सैंपल लिए गए थे। ये सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
पहली बार हाई कोर्ट के निर्देश पर इस तरह सैंपलिंग
ऐसा पहली बार हो रहा है जब हाई कोर्ट ने शहर की खराब सड़कों को लेकर इस तरह की कवायद कराई है। हाई कोर्ट द्वारा कमीशन का गठन किया गया और इसकी निगरानी में सैंपल कराए जा रहे हैं।
ग्वालियर में सड़कों की स्थिति को लेकर काफी किरकिरी हो चुकी है। पूर्व में चेतकपुरी रोड को लेकर प्रदेश-शहर में बड़ी बदनामी शहर की हुई थी, वहीं इसके बाद भी लगातार सड़कों के टूटने व धंसकने के मामले सामने आए थे।