गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता में रामवीर की हरियाणा गाय ने 14 लीटर दूध देकर जीता प्रथम पुरस्कार
नियम अनुसार, इस पुरस्कार राशि का उपयोग केवल गो-संवर्धन में ही किया जाएगा तथा विजेता पशुपालक 6 माह तक अपनी गाय का विक्रय नहीं कर सकेंगे।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 09:53:00 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 09:53:26 AM (IST)
HighLights
- तीन गांवों में हुई दुग्ध मापन प्रतियोगिता
- गो-संवर्धन में ही होगी पुरस्कार राशि खर्च
- विजेता पशुपालक 6 माह तक नहीं बेचेंगे गाय
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत ग्वालियर जिले की तीन चयनित वृन्दावन गांवों डबरा ब्लाक के टेकनपुर, घाटीगांव ब्लाक के सिमिरिया टांका और मुरार ब्लाक के बेहट में दुग्ध मापन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशी नस्ल की गायों का 30 और 31 अक्टूबर को सुबह व शाम का दुग्ध मापन किया गया।
विजेता पशुपालक 6 महीने तक नहीं बेच सकेंगे गाय
इस प्रतियोगिता में प्रत्येक वृंदावन ग्राम के लिए पृथक-पृथक प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। नियम अनुसार, इस पुरस्कार राशि का उपयोग केवल गो-संवर्धन में ही किया जाएगा तथा विजेता पशुपालक छह माह तक अपनी गाय का विक्रय नहीं कर सकेंगे।
ब्लॉक-वार प्रतियोगिता परिणाम और विजेता
टेकनपुर (डबरा ब्लाक): यहा रामवीर सिंह की हरियाणा गाय ने प्रतिदिन 14.066 लीटर दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्रीराम फौजी की गिर गाय 11.192 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन के साथ द्वितीय तथा उपेंद्र परिहार की गाय 6.046 लीटर प्रतिदिन उत्पादन के साथ तृतीय स्थान पर रही।
सिमिरिया टांका (घाटीगांव ब्लाक): यहां लक्ष्मी की हरियाणा गाय 7.323 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान पर रही। नवल सिंह की साहीवाल गाय 6.981 लीटर प्रतिदिन के साथ द्वितीय तथा किसान रावत की गिर गाय 6.201 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन के साथ तृतीय स्थान पर रही।
बेहट (मुरार ब्लॉक): मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में दुग्ध मापन के आधार पर अंशु यादव की साहीवाल गाय 6.315 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान पर रही। मोनू गुर्जर की देशी गाय 4.666 लीटर प्रतिदिन उत्पादन के साथ द्वितीय तथा नरेंद्र गुर्जर की देशी गाय 4.416 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन के साथ तृतीय स्थान पर रही।