ग्वालियर-चंबल में अग्निवीर भर्ती के टूटे रिकॉर्ड, 4 साल के कार्यकाल के बाद भी युवाओं में बढ़ा जोश
बाल भवन से लेकर मैदानों और सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले प्रशिक्षण केंद्रों तक इस फैसले की चर्चा है।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 12:47:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 12:47:51 PM (IST)
HighLights
- लगातार बढ़ रहे चयन के आंकड़े
- युवाओं में देशसेवा का जबरदस्त जज्बा
- सेवाकाल बढ़ाने की खबर से उत्साह
अमित मिश्रा, नईदुनिया, ग्वालियर। सेना की वर्दी पहनने का सपना और देश की सेवा का जज्बा ग्वालियर-चंबल के युवाओं में हमेशा से रहा है। अग्निपथ योजना लागू होने के बाद जब चार साल के सेवाकाल को लेकर सवाल उठे और देशभर में विरोध हुआ, तब भी इस अंचल के युवाओं ने सेना में भर्ती होने की तैयारी नहीं छोड़ी।
उत्साह दोगुना
विरोध के बीच भी भर्ती रैलियों में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती रही और चयन के आंकड़े नए रिकार्ड बनाते गए। अब अग्निवीरों का सेवाकाल दो साल बढ़ाकर छह साल किए जाने और 25 प्रतिशत को नियमित किए जाने की खबर ने इस उत्साह को दोगुना कर दिया है।
तैयारी कर रहे युवाओं को अब देशसेवा के साथ सेना में लंबे समय तक बने रहने का बेहतर अवसर दिखाई दे रहा है। बाल भवन से लेकर मैदानों और सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले प्रशिक्षण केंद्रों तक इस फैसले की चर्चा है।
विरोध के बीच भी नहीं थमा भर्ती का जुनून, हर साल बढ़े अभ्यर्थी
अग्निपथ योजना की शुरुआत में ग्वालियर-चंबल अंचल में भी इसका विरोध हुआ था। इसके बावजूद सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं की संख्या में गिरावट नहीं आई। भर्ती के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। वर्ष 2023 में 21,646 अभ्यर्थियों में से 417 चयनित हुए, वहीं 2024 में 24,203 में से 900 और वर्ष 2025 में 32,708 में 1,600 का चयन हुआ। वर्ष 2026 में यह संख्या 46,050 तक पहुंच गई है। इस वर्ष का परिणाम अभी जारी होना बाकी है।
सेवाकाल और भविष्य को लेकर क्या होंगे बदलाव
अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित बदलावों के अनुसार चार साल की सेवा पूरी होने पर 25 प्रतिशत को नियमित करने का अवसर मिलेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा का मौका मिलेगा। अतिरिक्त सेवा के दौरान पांचवें वर्ष में अधिकतम वेतन 43,500 रुपये और छठे वर्ष में 47,500 रुपये बताया गया है। छह साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस में भी अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अलग-अलग राज्यों में इनके लिए कोटा निर्धारित किया गया है।
पिछली बार मेरिट में चूके, इस बार चयन का भरोसा
19 वर्षीय राहुल तोमर मूल रूप से अंबाह के रहने वाले हैं और फिलहाल हजीरा में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। वह पिछले साल भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे, लेकिन मेरिट में जगह नहीं बना पाए। इस बार फिर परीक्षा देने के साथ शारीरिक परीक्षा भी पूरी कर चुके हैं। राहुल कहते हैं कि चार साल के कार्यकाल में भी सेना में जाने का सपना नहीं छोड़ा था। अब सेवाकाल छह साल होने और बेहतर प्रदर्शन पर नियमित होने का अवसर मिलने से उत्साह बढ़ गया है। उन्हें भरोसा है कि इस बार चयन जरूर होगा।
पिता सेना में, बेटे ने भी चुनी वर्दी
डीडी नगर निवासी संदीप शर्मा ने इसी साल सेना भर्ती की तैयारी शुरू की है। उनके पिता सेना में हैं, इसलिए बचपन से ही सेना और देशसेवा के प्रति लगाव रहा है। संदीप का कहना है कि जब सेवाकाल चार साल था, तब भी उन्होंने सेना में जाने का फैसला कर लिया था। अब दो साल अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलने से उनका संकल्प और मजबूत हुआ है। वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
मुख्तयार सिंह बताते हैं कि सेना की तैयारी करने वाले युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। पहले योजना लागू नहीं हुई थी, तब एक बैच में 200 से 300 युवक तैयारी के लिए आते थे। वर्ष 2022-23 में संख्या में कमी आई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। अब इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है। - मुख्तयार सिंह, फिजिकल ट्रेनर, ग्वालियर