
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अपनी मर्जी से शादी करने वाले जोड़े संगीता रैकवार और उनके पति को बड़ी राहत दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की कोर्ट में हुई। याचिका में बताया गया कि संगीता रैकवार और उनके पति ने अपनी मर्जी से शादी की है, लेकिन संगीता के परिवार वाले इस रिश्ते से नाराज हैं।
परिवार की ओर से दोनों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। कोर्ट में दोनों ने अपनी उम्र साबित करने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड पेश किए। दस्तावेजों से साफ हुआ कि दोनों बालिग हैं। इसके बावजूद परिवार की ओर से डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी है।
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इस पर हाई कोर्ट ने एसपी ग्वालियर को निर्देश दिया कि पहले शादी की सच्चाई, दोनों की उम्र और खतरे की स्थिति की जांच करें। अगर जांच में जान या आजादी को वास्तविक खतरा मिलता है तो तुरंत पुलिस सुरक्षा दी जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि इस आदेश का मतलब शादी को कानूनी वैधता देना नहीं है, बल्कि सिर्फ दोनों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।