ग्वालियर। नईदुनिया न्यूज

ग्वालियर से भोपाल के बीच चलने वाली भोपाल इंटरसिटी का रूट परिवर्तित हो सकता है। इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल के एडीआरएम ने अन्य मंडल अधिकारियों के साथ इस ट्रेन का सफर किया। अधिकारी ग्वालियर से सवार होकर भोपाल तक गए। इस दौरान एक-एक जानकारी ली।

इंटरसिटी ग्वालियर से भोपाल के बीच सप्ताह में पांच दिन चलती है। इस ट्रेन में शुरू से ही यात्रियों का टोटा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इसका रूट और समय है। ट्रेन सुबह 6ः30 बजे ग्वालियर से निकलती है और ग्वालियर से शिवपुरी, गुना होते हुए दोपहर 3 बजे भोपाल पहुंचती है। हकीकत में ट्रेन शाम 4 से 5 बजे के बीच भोपाल पहुंचती है। भोपाल के सफर में करीब 10 घंटे लगते हैं। इस वजह से इस ट्रेन को मिलने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है।

यात्रियों की संख्या कम होने के चलते रेलवे को लगातार घाटा हो रहा है और यात्रियों को इस ट्रेन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। इसी वजह से इस ट्रेन का रूट परिवर्तित करने का विचार पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा किया जा रहा है। बीच में इसके लिए एक सर्वे भी करवाया गया, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते यह आगे नहीं बढ़ सका था। अब फिर से इस पर विचार होने लगा है। इसी संबंध में भोपाल रेल मंडल के एडीआरएम संजय रस्तोगी, सीनियर डीसीएम ब्रजेन्द्र कुमार एवं अन्य रेलवे अधिकारी रविवार रात ग्वालियर पहुंचे और सोमवार सुबह ग्वालियर से ट्रेन में सवार हुए। ग्वालियर से भोपाल के बीच पड़ने वाले शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, गुना, अशोकनगर, मुगावली,बीना,गंजबासौदा, विदिशा रेलवे स्टेशन से मिलने वाले यात्री, टिकट बिक्री की संख्या, राजस्व, रूट, सफर में लगे समय की एक-एक जानकारी ली। इस जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

किराया भी ज्यादा और समय भी

झांसी होकर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का ग्वालियर से भोपाल तक का सामान्य श्रेणी का किराया 140 रुपए है, जबकि ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का किराया 165 रुपए है। किराया भी ज्यादा और सफर में समय भी अधिक लगता है। इस वजह से ग्वालियर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को बहुत कम यात्री मिलते हैं। सेकंड सिटिंग कोच तो खाली ही रहते हैं।

यह है प्रस्ताव

ग्वालियर से भोपाल के बीच चलने वाली भोपाल इंटरसिटी को वाया झांसी होते हुए चलाने का प्रस्ताव लंबित है। उधर यह भी विचार किया जा रहा है कि ट्रेन को ग्वालियर से होते हुए इंदौर तक चलाया जाए। जिससे इंदौर जाने वाले यात्रियों को सुबह भी एक ट्रेन मिल सके।

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