RSS महिला समन्वय की बैठक में मातृशक्ति की सहभागिता बढ़ाने का संकल्प, कुटुंब और समरसता पर बनी कार्ययोजना
बैठक में 305 महिला प्रतिनिधियों सहित करीब 400 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 10:48:55 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 10:50:04 PM (IST)
राष्ट्रीय स्वयं संघ की अखिल भारतीय बैठक में उपस्थित अतिथि। नईदुनियाHighLights
- मातृशक्ति की भूमिका पर मंथन
- कुटुंब और समरसता का संदेश
- संपर्क और समन्वय पर जोर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में मातृशक्ति की सहभागिता को और व्यापक बनाने के साथ महिला संगठनों के बीच संपर्क, संवाद और समन्वय मजबूत करने पर महिला समन्वय की दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक में मंथन हुआ।
एलएनआइपीई के रवींद्रनाथ टैगोर सभागार में रविवार को बैठक के समापन अवसर पर देशभर से आए प्रतिनिधियों ने महिला सहभागिता को समाजकार्य से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर समन्वित प्रयास बढ़ाने की दिशा पर विचार किया। बैठक में 305 महिला प्रतिनिधियों सहित करीब 400 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
मातृशक्ति के अनुभव, सामर्थ्य और कौशल को राष्ट्र और समाजहित के कार्यों से जोड़ा जाए
दो दिनों में नौ सत्रों में महिला विमर्श, परिवार, सामाजिक समरसता, समाजकार्य में महिलाओं की भूमिका, विभिन्न संगठनों के कार्यों में महिला सहभागिता और उनके अनुभवों सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मातृशक्ति के अनुभव, सामर्थ्य और कौशल को राष्ट्र और समाजहित के कार्यों से जोड़ा जाए। इसके लिए गृहिणियों के साथ कामकाजी महिलाओं तक भी संपर्क बढ़ाने और उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई।
कुटुंब और सामाजिक समरसता के विषय को दी प्रमुखता
बैठक में कुटुंब और सामाजिक समरसता के विषय को भी प्रमुखता दी गई। इन विषयों से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने तथा इनके संदेश को घर-घर तक पहुंचाने पर विचार हुआ। विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और महिला सहभागिता का दायरा बढ़ाने के लिए आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता अक्का तथा महिला समन्वय की अखिल भारतीय संयोजिका एवं विश्व हिंदू परिषद की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष मीनाक्षी ताई उपस्थित रहीं। शांता अक्का ने बैठक की रूपरेखा और आगामी कार्यदिशा रखी, जबकि संघ के पदाधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
संपर्क और समन्वय को बनाया आधार
बैठक में महिला समन्वय के कार्य को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए संगठनों के बीच नियमित संपर्क, संवाद और समन्वय पर विशेष जोर रहा। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिला संगठनों के अनुभवों को साझा कर उनके कार्यों को व्यापक स्तर तक ले जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। शनिवार रात प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।