ग्वालियर: रमौआ डैम के बढ़ते जलस्तर से ट्रांसमिशन लाइन को मिला सुरक्षा कवच, 220 केवी लाइन सफलतापूर्वक शिफ्ट
इससे पानी का स्तर बढ़ने पर लाइन के कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने की आशंका को दूर करने में मदद मिलेगी।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 11:26:15 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 11:45:29 AM (IST)
220 केवी लाइन टावर । नईदुनिया आर्काइवHighLights
- रमौआ डैम के बैकवाटर क्षेत्र से जुड़ी थी समस्या
- 8 पुराने टावर हटाकर लगाए गए 10 नए टावर
- मानसून में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। रमौआ डैम के बैकवाटर क्षेत्र में मानसून के दौरान बढ़ने वाले जलस्तर से बिजली आपूर्ति पर मंडराने वाले खतरे को कम करने के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
आशंका को दूर करने में मिलेगी मदद
कंपनी ने डैम के नजदीक से गुजरने वाली 220 केवी महलगांव (ग्वालियर)-दतिया ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का काम पूरा कर लिया है। इससे पानी का स्तर बढ़ने पर लाइन के कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने की आशंका को दूर करने में मदद मिलेगी।
हो सकता था विद्युत आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पुरानी लाइन डैम के बैकवाटर क्षेत्र के काफी नजदीक थी। मानसून में जलस्तर बढ़ने के दौरान कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने की आशंका बनी रहती थी। इससे विद्युत आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हो सकता था। इसी संभावित खतरे को देखते हुए लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। समय रहते पूरा किया गया यह काम ग्वालियर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
10 नए टावर लगाकर बदला लाइन का मार्ग
एमपी ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता दीपक कुमार अग्रवाल के अनुसार शिफ्टिंग कार्य के दौरान पुरानी लाइन के आठ टावर हटाए गए। इनसे संबंधित लाइन की लंबाई 2.860 किलोमीटर थी। इसके स्थान पर 10 नए टावर स्थापित कर 3.406 किलोमीटर लंबी लाइन तैयार की गई। इस तरह लाइन के मार्ग में बदलाव कर उसे डैम के बैकवाटर क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से पैदा होने वाली संभावित समस्या से सुरक्षित किया गया।