• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

458 करोड़ की चंबल-कोतवाल जल परियोजना का ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया निरीक्षण, बोले- ग्वालियर-मुरैना के लिए बनेगी जीवन रेखा

पानी घरों तक पहुंचे और खेतों तक भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा पहुंचे, यही क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 07:09:27 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 07:37:28 PM (IST)
458 करोड़ की चंबल-कोतवाल जल परियोजना का ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया निरीक्षण, बोले- ग्वालियर-मुरैना के लिए बनेगी जीवन रेखा
चंबल प्रोजेक्ट के अंतर्गत कोतवाल डैम पर पानी के विशाल पाइप में घुसकर अवलोकन करते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।

HighLights

  1. 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
  2. ग्वालियर पहुंचेगा 150 एमएलडी पानी
  3. सिंचाई और पेयजल संकट से मिलेगी राहत

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को चंबल–कोतवाल जल परियोजना के अंतर्गत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज तथा बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का स्थल निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और ग्वालियर-मुरैना की भविष्य की जलापूर्ति को मजबूत करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ग्वालियर-मुरैना के लिए यह जीवन रेखा साबित होगी।


आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल–कोतवाल जल परियोजना ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना है। चंबल का पानी नदी से निकलकर ग्वालियर-मुरैना के हर घर के नल तक पहुंचे, इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष सहयोग से डबल इंजन की सरकार इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में शहरों की बढ़ती आबादी और जल की आवश्यकता को देखते हुए आज से ही मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।

हमारा प्रयास है कि ग्वालियर-चंबल संभाग की जल आवश्यकताओं को लंबे समय के लिए सुरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट का सामना न करना पड़े।

naidunia_image

मैप के माध्यम से निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया। (सौजन्य: जनसंपर्क विभाग)

150 एमएलडी पानी ग्वालियर पहुंचेगा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लगभग ₹458 करोड़ की लागत से चंबल–कोतवाल जल परियोजना को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से लगभग 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से ग्वालियर लाया जाएगा और आगे इसे मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पाइपलाइन का किया निरीक्षण

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदेश के मंत्रिगणों के साथ चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी ली। सिंधिया ने कहा कि परियोजना में बड़े व्यास की पाइपलाइन के माध्यम से पानी को लंबी दूरी तक पहुंचाया जाएगा। जिन स्थानों पर क्वारी, सांक और आसन जैसी नदियां मार्ग में आ रही हैं, वहां पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी उन्होंने निरीक्षण किया।

शहर की जलापूर्ति होगी पूरी

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्वालियर-मुरैना की आने वाली दशकों की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक पहुंचने के बाद जलशोधन संयंत्र के माध्यम से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा।

इससे ग्वालियर के नागरिकों को अधिक भरोसेमंद जलापूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बेहतर पानी, सिंचाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएं रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज बड़े स्तर की परियोजनाओं के माध्यम से इन आवश्यकताओं को पूरा करने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक लाने की योजना, सिंचाई परियोजनाएं और क्षेत्र में बन रहे नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर इस बात का संकेत हैं कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

किसानों को भी मिलेगा लाभ

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास में घरेलू जलापूर्ति के साथ किसानों के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के तहत चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि माधवराव सिंधिया सिंचाई योजना सहित क्षेत्र में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि पानी घरों तक पहुंचे और खेतों तक भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा पहुंचे, यही क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरा ग्वालियर-चंबल संभाग उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और यहां के नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।

क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने प्रदेश और देश के लिए 25 वर्ष समर्पित किए हैं और आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करते रहेंगे।

ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया का विकास हम सबकी प्राथमिकता है।

सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-मुरैना की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में चंबल–कोतवाल जल परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी होने के बाद आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से राहत मिलेगी और क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।