
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर पर हुए भीषण हादसे का कारण सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आया है। जब जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच नवरात्र की तैयारियों की शीतला माता मंदिर पर हुई बैठक में यह हो गया था कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी को कोई भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा तो फिर यह धान से भरा ट्रक कैसे घुस आया। सीधा मतलब है कि जिस प्वाइंट पर ट्रक को रोका जाना था वहां रोका ही नहीं गया।
इस भीषण हादसे ने प्रशासन-पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली, निगरानी पर बड़े सवााल खड़े कर दिए हैं। नवरात्र के तीन दिन सप्तमी ,अष्टमी और नवमी को भारी भीड़ श्रद्वालुओं की होती है, इसी कारण यह निर्णय लिया गया था लेकिन इसके बाद भी निर्दोष लोगों की जान पर बेपरवाही भारी पड़ गई।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जनप्रतिनिधि भी सवाल खड़े कर रहे हैं कि नो एंट्री में ट्रक का प्रवेश कैसे हो गया। ग्वालियर यह पहली बार नहीं है कि नो एंट्री में किसी भारी वाहन के कारण हादसा हुआ हो, इससे पहले भी हादसे हो चुके हैं।
ट्रक की फिटनेस व परमिट को लेकर परिवहन विभाग ने जांच की है जिसमें परमिट व फिटनेस ठीक पाए गए हैं। वहीं ट्रक ओवरलोड था यह भी पुष्टि नहीं हुई है, इसको लेकर मंडी बोर्ड से अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं। ट्रक को ग्वालियर से लुधियाना जाना था इसके चलते सभी मापदंड चेक कर रहे हैं कि ट्रक मालिक और ड्राइवर के स्तर पर क्या क्या गलती थी।