
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठग अब तकनीकी रूप से इतने शातिर हो चुके हैं कि आम आदमी की गाढ़ी कमाई उड़ाने के लिए उन्हें न तो OTP की जरूरत पड़ती है और न ही किसी झांसे वाले फोन कॉल की। ग्वालियर के विनय नगर इलाके में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बिना कॉल या नोटिफिकेशन के बैंक खाते से 10,78,000 रुपये गायब हो गए।
यह सनसनीखेज मामला कोटेश्वर तिराहा, विनय नगर (चामुंडा माता मंदिर के पास) के रहने वाले अनूप कुमार अग्रवाल के साथ हुआ है। पीड़ित अनूप कुमार अग्रवाल और उनके पिता रामजीलाल अग्रवाल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एक संयुक्त बैंक खाता है।
घटना सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच की है। महज छोटे से अंतराल में ठगों ने इस खाते को अपना निशाना बनाया। इस दौरान न तो पीड़ित के पास कोई फोन आया और न ही मोबाइल पर कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आया। जब तक पिता-पुत्र कुछ समझ पाते या बैंक से कोई अलर्ट मिलता, तब तक खाता खाली हो चुका था। फरियादी ने बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए वृद्ध पिता के साथ संयुक्त खाते में रुपये जमा किए थे।
ठगों ने एक बार में पूरी रकम निकालने के बजाय खाते से कुल 17 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। सेंट्रल बैंक के खाते से सिर्फ कुछ ही देर में ही पूरी राशि निकाल ली गई। बिना कॉल आए खाते से पैसे निकलना इस बात का संकेत है कि ठगों ने बैंक सर्वर या UPI/इंटरनेट बैंकिंग के किसी लूपहोल का फायदा उठाया है।
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके दो बड़े कारण हो सकते हैं। पहला, साइलेंट सिम क्लोनिंग या API एक्सप्लोइट, जिसमें ठग बैंक सर्वर की खामी का फायदा उठाते हैं। दूसरा, मैलवेयर या रिमोट एक्सेस ऐप्स। कई बार यूजर अनजाने में ऐसा ऐप डाउनलोड कर लेते हैं जो फोन का पूरा कंट्रोल बैकग्राउंड में ले लेता है। ऐसे मैलवेयर नोटिफिकेशन और OTP को हैकर्स तक पहुंचा देते हैं।
ग्वालियर में साइबर ठगी के और भी मामले सामने आए हैं। अग्रसेन पार्क के पास रहने वाले गोपाल स्वरूप मिश्रा ने OLX पर विज्ञापन डाला था। अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CISF का कर्मचारी बताया और 27 हजार रुपये एडवांस के नाम पर ठग लिए।
इसी तरह सागरताल रोड निवासी राजेश सिंह किरार के मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। मोबाइल हैक हो गया और खाते से 1.96 लाख रुपये निकाल लिए गए। नई सड़क निवासी छात्र अनुज जैन को इंस्टा पर रील लाइक और शेयर करने का टास्क दिया गया। उनके साथ 99 हजार रुपये की ठगी हो गई।