
ग्वालियर। विदेशों से आने वाले फंड से संचालित होने वाली सामाजिक संस्था के स्नेहालय में मूक-बधिर महिला से दुष्कर्म के बाद उसका गर्भपात कराकर भ्रूण को जलाने के मामले में पुलिस चौथे दिन हरकत में आई। पुलिस ने स्नेहालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क जब्त कर ली है। पुलिस ने जलाए गए भ्रूण के अवशेष तलाशने के लिए गटर साफ कराया, लेकिन अंधेरा होने के कारण गटर पूरा साफ नहीं हो सका। क्योंकि भ्रूण को जलाने के बाद आरोपितों ने गटर में बहाने की बात कबूल की थी।
अडूपुरा स्थित स्नेहालय में रहने वाली मूक-बधिर महिला के साथ दुष्कर्म के बाद संचालकों व स्टाफ द्वारा उसका दवा देकर गर्भपात कराया और भ्रूण को जला दिया। इस बात की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग को लगने के बाद जांच कराई गई। जांच में तस्दीक होने पर गुरुवार को इसकी सूचना बिलौआ थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने वाले चौकीदार साहब सिंह गुर्जर के खिलाफ दुष्कर्म व साक्ष्य मिटाने का मामला संचालक डॉ बीके शर्मा व उसकी पत्नी भावना शर्मा सहित 9 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पुष्पा मिश्रा फरार है।
गटर साफ कराने पर कुछ नहीं मिला
आरोपितों ने पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पहले दिन ही स्वीकार किया था कि पीड़िता की जान जोखिम में डालकर उसका गर्भपात करने के बाद भ्रूण को जलाया और स्नेहालय के गटर में बुधवार रात बहा दिया। पुलिस को चौथे दिन इसकी सुध आई। सोमवार की शाम नगर निगम के कर्मचारियों को बुलाकर गटर साफ कराया गया। अवशेष तलाशने के लिए गटर के गंधे पानी को छाना जा रहा है। अंधेरा होने के कारण अब मंगलवार को फिर गटर साफ कराया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरे खंगालने से हो सकता है बड़ा खुलासा
स्नेहालय में सीसीटीवी कैमरे लगे होने का पता पुलिस को मीडिया से लगा। सोमवार को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की हार्ड डिस्क जब्त कर ली है। पुलिस अब हार्ड डिस्क में सेव रिकॉर्डिंग को देखेगी। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी कैमरे से संस्था में चल रहीं अनैतिक गतिविधियों का खुलासा हो सकता है।
छात्रा ने कहा- पीड़िता के साथ गलत काम होने की सूचना डॉ शर्मा को दी थी
स्वास्थ्य खराब होने के कारण सोमवार को पीड़िता के डबरा कोर्ट में कथन नहीं हो सके। पीड़िता के मूक-बधिर होने के कारण सांकेतिक भाषा समझने वाले ट्रांसलेटर के माध्यम से उसके कथन कोर्ट में होंगे। सोमवार को इस पूरे प्रकरण की मुख्य गवाह व पीड़िता की रूममेट व 10वीं की छात्रा ने अपने बयान कोर्ट में दर्ज कराए।
छात्रा ने कोर्ट में वही कथन दिए, जो पुलिस को दिए हैं। छात्रा का कहना है कि उसने चौकीदार साहिब सिंह गुर्जर को पीड़िता के साथ गलत काम करते देखा था। इसकी सूचना संस्था के संचालक डॉ. बीके शर्मा को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद पीड़िता के शरीर में धीरे-धीरे बदलाव होने की सूचना भी संचालकों को दी, लेकिन किसी ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।
उसने यह भी बताया कि बुधवार को भावना शर्मा उसके रूम में आई थीं। उसने उन्हें रूम से निकलते हुए देखा था। उनके जाने के बाद ही पीड़िता की हालत बिगड़ी और ब्लीडिंग होना शुरू हो गई थी। अब पुलिस मंगलवार को पीड़िता के कथन कोर्ट में कराने का प्रयास करेगी।
मूक-बधिर महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसे दवा देकर गर्भपात कराने और भ्रूण को जलाने जैसे घृणित मामले में स्नेहालय के संचालक डॉ. बीके शर्मा व भावना शर्मा सहित 8 लोगों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। ये सवाल डॉ. शर्मा व भावना के बीच रिश्तों को लेकर हैं। स्नेहालय में भावना की एंट्री केयरटेकर के रूप में हुई थी। भावना डॉ. शर्मा के इतने करीब आ गई कि उनका रूतबा नंबर-1 का हो गया।
यानि की उनके निर्णय को डॉ. शर्मा भी नहीं बदल पाते थे। इससे स्टाफ खफा था। इन दोनों के रिश्ते को डॉक्टर के परिजन पहले से नापसंद करते थे। स्टाफ ने भी इनके खिलाफ खुली खिलाफत अगस्त में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान की थी। इस धार्मिक आयोजन में डॉ. बीके शर्मा ने सार्वजनिक रूप से भावना को पत्नी का दर्जा दिया।
स्नेहालय में डॉ. बीके शर्मा का आना-जाना कम था। पिछले कुछ दिनों से संस्था का सारा काम भावना शर्मा ही देख रही थीं। वही निर्णय करती थीं कि आज बच्चों को खाने में क्या देना है, क्या नहीं? 10वीं की छात्रा ने खुलासा किया था कि पहले बच्चों के लिए 20 से 25 लीटर दूध प्रतिदिन आता था, लेकिन भावना के आदेश पर दूध बंद कर दिया गया।
संस्था में धूमधाम से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया था, जिसमें मुख्य यजमान की हैसियत से डॉ. बीके शर्मा बैठे। धार्मिक मान्यता के अनुसार धार्मिक आयोजन में पति-पत्नी गांठ जोड़कर बैठते हैं, इस कथा में डॉ.शर्मा भी भावना के साथ गांठ जोड़कर बैठे थे। केयरटेकर की हैसियत से नौकरी करने वाली प्रभा यादव ने इस रिश्ते पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते हुए कहा था कि जब तक दोनों की विधिवत शादी नहीं हो जाती, जब तक दोनों पति-पत्नी के रूप में धार्मिक आयोजन में नहीं बैठ सकते। उस समय डॉ. शर्मा ने स्टाफ को यह कहकर शांत कर दिया था कि हम दोनों ने पुष्कर में शादी कर ली है। इस घोषणा के बाद भावना के टारगेट पर उसकी खिलाफत करने वाला स्टाफ आ गया था।
स्टाफ व भावना की टशन से हुआ खुलासा
संस्था में अनैतिक गतिविधियां लंबे समय से चल रहीं थीं, लेकिन स्टाफ खामोश था। इस टशन के कारण संस्था में चल रही गतिविधियों की जानकारी स्टाफ के जरिए बाहर आना शुरू हो गईं और इतने बड़े कांड का खुलासा हुआ।