Sort of rabies injection: ग्वालियर (नप्र)। शहर में आवारा श्वान का आतंक बढ़ता जा रहा है। हर दिन दो सैंकड़ा लोग डाग बाइट के शिकार बन रहे हैं। नगर निगम प्रशासन इस समस्या से आमजन को छुटकारा दिलाने की दिशा में कोई काम नहीं कर रहा। इधर स्वास्थ्य विभाग भी डाग बाइट के शिकार मरीजों को उपचार उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। हालात यह है कि शनिवार को डाग बाइट के शिकार मरीजों को जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिल सका। इस कारण से सिविल अस्पताल, हजार बिस्तर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के स्टोर में पिछले तीन महीने से रैबीज के इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हुई है। इस कारण से यह संकट खड़ा हो गया।
पांच दिसंबर को मिले थे 750 इंजेक्शन के वाइल : पांच दिसंबर 2022 को सेंट्रल परचेज कमेटी भोपाल द्वारा 750 रैबीज के इंजेक्शन की वाइल उपलब्ध कराई गई थी। एक वाइल में पांच लोगों को इंजेक्शन लगाया जा सकता है। 750 वाइल से तीन हजार लोगों को इंजेक्शन लगाया जा सकता है। लेकिन हर दिन जिला अस्पताल में 50 से 60 लोगों को रैबीज का इंजेक्शन लगता है। इसलिए यह स्टाक दो महीने में ही समाप्त हो गया। इसके बाद सीएमएचओ स्टोर से सप्लाई बीच-बीच में दी गई। लेकिन अब सीएमएचओ स्टोर के पास भी महज 150 वाइल ही बचे हैं। जबकि सीएमएचओ स्टोर से सिविल अस्पताल हजीरा, थाटीपुर डिस्पेंसरी, मोहना, घाटीगांव, डबरा और भितरवार में सप्लाई दी जाती है। अब इन स्थानों पर रैबीज के इंजेक्शन की उपलब्धता भी सीमित रह गई है। जेएएच करते हैं रैफर : सिविल सर्जन स्टोर व सीएमएचओ स्टोर के लिए केवल रैबीज के इंजेक्शन की सप्लाई होते हैं। इन स्टोर से कभी एमिनोग्लोबिन के इंजेक्शन की मांग नहीं की जाती। ऐमिनोग्लोबिन का इंजेक्शन उन मरीजों को दिया जाता है जिन्हें श्वान द्वारा काटने पर उनका मांस निकल गया हो।
पांच दिसंबर को रैबीज के इंजेक्शन की सप्लाई मिली थी। उसके बाद भोपाल से सप्लाई नहीं दी गई। भोपाल से रैबीज के इंजेक्शन सप्लाई किए जाते हैं इसके लिए डिमांड नहीं दी जाती। इसलिए सेंट्रल परचेज वाले समय-समय पर उपलब्ध भी कराते पर इस बार ही लंबा वक्त हो गया और खपत अधिक हुई इसलिए कमी पड़ गई। भोपाल से जानकारी मिली है कि सोमवार को सप्लाई मिल जाएगी।
रविन्द्र सिंह कुशवाह, प्रभारी सिविल सर्जन स्टोर