नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में आरक्षक भर्ती के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के बाद ज्वाइनिंग के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। परीक्षा में छत्तीसगढ़ के साल्वर शामिल हुए। वे उत्तीर्ण भी हो गए।
उनकी जगह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान मूल के नौ अभ्यर्थी बीएसएफ की टेकनपुर स्थित अकादमी में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो दस्तावेज और बायोमेट्रिक जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
सभी नौ फर्जी अभ्यर्थियों को बीएसएफ ने पकड़ लिया और उनके विरुद्ध सोमवार देर रात ग्वालियर के बिलौआ थाने में एफआइआर दर्ज कराई। पूछताछ में साल्वर और इनके दलालों के देशव्यापी नेटवर्क का राजफाश हो सकता है।
इसकी जड़ तक पहुंचने के लिए ग्वालियर पुलिस के अधिकारियों ने एक विशेष टीम बनाई है। मंगलवार को सभी आरोपितों को गिरफ्तार करके बिलौआ थाना लाया गया। थाना प्रभारी इला टंडन के अनुसार बुधवार को इन्हें कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।
फर्जी अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि बीएसएफ में 800 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन परीक्षा वर्ष 2024 में आयोजित की गई। इसमें दलालों के जरिये साल्वर से संपर्क हुआ। कुछ रुपये परीक्षा से पहले और बाकी रुपये परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दिए गए।
साल्वरों ने अपने ही नाम से आवेदन किए। इन्हीं के बायोमेट्रिक पहचान के सैंपल आवेदन और परीक्षा के समय लिए गए। इससे पहले 21 से 25 जनवरी के बीच दस्तावेज और बायोमेट्रिक पहचान का परीक्षण हुआ। इसमें साल्वरों के नाम पर ये फर्जी अभ्यर्थी ज्वाइन करने पहुंचे थे। बायोमेट्रिक पहचान से पुष्टि न होने पर फर्जीवाड़ा खुल गया।
सभी साल्वर छत्तीसगढ़ के हैं। एक ही नाम के दो अभ्यर्थी भी हैं लेकिन पता अलग-अलग है। इससे आशंका है कि साल्वर एक ही गिरोह के सदस्य हो सकते हैं। यह भी संभव है कि उनके दस्तावेज भी फर्जी हों। इसके लिए पुलिस को उन लोगों तक पहुंचना होगा।