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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Subhash chandra Bose Jayanti: सुभाष चंद्र बोस के आजाद हिंद फौज का गठन करने पर ही आजादी मिली

Subhash chandra Bose Jayanti: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को नगर पराक्रम दिवस के रूप में सोमवार को मनाया गया।

By anil tomarEdited By: anil tomar
Publish Date: Tue, 24 Jan 2023 10:07:31 AM (IST)Updated Date: Tue, 24 Jan 2023 10:07:31 AM (IST)
Subhash chandra Bose Jayanti: सुभाष चंद्र बोस के आजाद हिंद फौज का गठन करने पर ही आजादी मिली

Subhash chandra Bose Jayanti: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि) नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को नगर पराक्रम दिवस के रूप में सोमवार को मनाया गया। नागरिकों ने नेताजी सुभाषचंद बोस को श्रद्धांजिल अर्पित कर आजादी के संघर्ष में दिये योगदान का स्मरण किया गया। पराक्रम दिवस पर हिंदू इको सिस्टम की ग्वालियर-चंबल संभाग इकाई ने पराक्रम दिवस टाउन हाल में आयोजित व्याख्यान में संस्था के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक कपिल मिश्रा ने कहा कि आजादी केवल अहिंसा के आंदोलन से नहीं मिली है। आजादी के संघर्ष में शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर व नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अहम योगदान है। नेताजी इस अविभाजित राष्ट्र के पहले प्रधानमंत्री थे। सुभाष बोस के आजाद हिंद फौज का गठन करने के बाद अंग्रेज भारत छोड़ने के लिये मजबूर हुये। आजादी मिलने के बाद कुछ लोगों को राजसिंहासन मिला। और दुर्भाग्य की बात है कि नेताजी को युद्ध अपराधी की तमंगा मिला। व्याख्यान में खनेता धाम के महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास महाराज. वक्ता व अभिभाषक वीरेंद्र पाल व भानू प्रताप सिंह चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक ब्रजराज सिंह मौजूद थे।

कपिल मिश्रा ने कहा कि अब तक दिल्ली के लाल किला मेंलाइट व साउंड में मुगलों का इतिहास दिखाया जा रहा था। पहली बार महाराज रणजीत सिंह, वीर मराठाओं का गौरवशाली इतिहास व आजादी के संघर्ष में नेताजी सुभाष चंद बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह का आजादी में दिये योगदान को बताया जा रहा है। इसी तरह इस बार कर्तव्यपथ पर परेड पर हमारे वीर जवान नेताजी को भी नमन करते हुये निकलेंगे। क्योंकि कर्तव्य पथ पर सुभाष बोस की प्रतिमा है। कपिल मिश्रा ने कहा कि जो भी हमारा धर्म गुरु घर वापसी की बात करते हैं, उन्हें निशान बनाया जाता है। हमारा समूचा युवा उनके साथ खड़ा है।


पूर्ण स्वराज की मांग के बाद विभाजन क्यो स्वीकार किया

अभिभाषक वीरेंद्र पाल ने कहा कि आजादी के लिये संघर्ष कांग्रेस के गठन से पहले चल रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस ने 1930 में पूर्ण स्वराज की मांग को पारित किया था। फिर विभाजन को स्वीकार क्यो किया।

नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आज गोरखी स्कूल के प्रांगण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर भाजपा नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की गई। वही नेताजी के संस्मरण भी सुनाए गए।भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश चंद्र अग्रवाल, जवाहर प्रजापति सतीश साहू डालचंद बर्मा, रमेश चौरसिया,किक्की पंडित, मुकेश पाराशर, याकूब खान, जितेन्द्र जायसवाल, विनोद गोयल,अमर कुटे अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।इस अवसर पर शासकीय गोरखी विद्यालय के छात्रों के द्वारा परेड कर नेताजी को सेल्यूट दी गई।

स्कूल के छात्रा ने सलामी दी

अनुपम नगर पार्क में सुभाष चंद्र बोस जयंती कार्यक्रम मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि बीज़ निगम अध्यक्ष मुन्ना लाल गोयल , भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी, पीताम्बर सिंह, और पार्षद प्रतिनिधि अनिल त्रिपाठी जी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेश बनर्जी ने की। कार्यक्रम का संचालन भाजपा रामकृष्ण पिवमो मंडल अध्यक्ष राॅबिन पाल ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों का नागरिक सम्मान किया गया स्कूल के छात्रों ने मार्च पास्ट कर सलामी दी।

नेताजी ने युवाओं आजादी के लिये जागरूक किया

सर्वे भवन्तु सुखिन समिति एवं नगर विकास प्रस्फुटन समिति हुजरात पुल द्वारा, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती संस्था कार्यालय हुजरात पुल पर आयोजित की गई, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी अशोक बांदिल ने नेता जी के चित्र पर माल्यार्पण किया, तत्पश्चात उपस्थित समिति सदस्यों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों के समक्ष नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि नेताजी जन्मजात देशभक्त थे उनके नेतृत्व से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए, उनके आव्हान पर देश युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जागृत हुआ,कार्यक्रम का संचालन राजकुमार प्रजापति ने किया, इस अवसर पर, अरुण सिंह चौहान, गजेन्द्र सिंह तोमर,हर्ष अरोरा, राजकुमार कुशवाह, आकाश प्रजापति,समर्थ प्रजापति एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सदभावना व स्वच्छता रैली निकाली

आजादी के अमृत महोत्सव में मध्यभारत शिक्षा समिति के शिक्षण संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से सदभावना एवं स्वच्छता के लिये रैली का आयोजन किया गया। स्कूली संस्थाओं द्वारा घोष की प्रस्तुति कर युवाओं का देश के प्रति समर्पण की भावना पैदा की गई। रैली को हरी झंडी दिखाकर नरेन्द्र कुटे एवं मध्यभारत शिक्षा समिति के पदाधिकारियों ने रवाना किया। इस कार्यक्रम में डॉ. राजेन्द्र बांदिल अध्यक्ष, अरुण अग्रवाल सचिव, डॉ. राकेश कुशवाह, कल्याण सिंह कौरव, सूरज गुप्ता, राजेन्द्र टेम्बे, डॉ के के कल्याणकर उपस्थित थे।