कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर में प्रोफेसरों की भारी कमी, 70% पद खाली; अब सेवानिवृत्त शिक्षकों को अनुबंध पर रखने की तैयारी
अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय के हर विभाग में 65 से 70 प्रतिशत पद खाली हैं। चूंकि नियमित तौर पर शिक्षक यानि प्रोफेसरों को नियुक्...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 09:52:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 09:52:58 PM (IST)
HighLights
- शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
- 65 से 70 प्रतिशत पद पड़े हैं खाली
- सेवानिवृत्त शिक्षकों से 16 अक्टूबर तक मांगे आवेदन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय प्रोफेसरों यानि शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय के हर विभाग में 65 से 70 प्रतिशत पद खाली हैं। चूंकि नियमित तौर पर शिक्षक यानि प्रोफेसरों को नियुक्त करने की प्रक्रिया काफी समय लेने वाली है।
छात्रों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित
इसलिए विश्वविद्यालय अब रिटायर प्रोफेसरों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करने के लिए तैयारी कर रहा है। जिससे विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि अनुबंध के आधार पर जो प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे, उनके लिए भी विश्वविद्यालय ने कड़ी शर्तें रखी हैं।
उल्लेखनीय है राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय प्रदेश का दूसरा कृषि विश्वविद्यालय हैं और इसके तहत प्रदेश के करीब 21 जिले अाते हैं। जिनमें कृषि विज्ञान केंद्र संचालित हैं। विश्वविद्यालय परिसर में स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाएं तो संचालित होती ही हैं। साथ ही छात्रों की शोध कक्षाएं भी संचालित होती हैं। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि विभिन्न विषयों के प्रोफेसरों की कमी की वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसलिए भी संकट बढ़ा
विश्वविद्यालय से प्रोफेसर अपना सेवाकाल पूरा कर रिटायर भी हो रहे हैं। जिसकी वजह से शिक्षकों की कमी आई है। हालांकि नियमित शिक्षक नियुक्त करने के लिए प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है। इसलिए नियमित शिक्षक नियुक्त होने में समय लग रहा है। ऐसे में कक्षाओं में छात्रों को पढ़ाने के लिए भी विषयवार शिक्षक कम पड़ रहे हैं और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
65 से 70 प्रतिशत पद खाली
विश्वविद्यालय में 65 से 70 प्रतिशत पद खाली हैं। किसी विभाग में कम हैं तो किसी में अधिक। वर्तमान में असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 19 पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 10 पद डीन के पांच पद रिक्त हैं। इससे स्थति को समझा जा सकता है।
इसलिए रिटायर शिक्षकों अनुबंध पर नियुक्त करने की तैयारी
नियमित प्रोफेसरों की नियुक्ति में समय लगेगा, इससे कक्षाओं में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन अनुबंध के आधार पर रिटायर शिक्षकों को नियुक्त करने की तैयारी कर रहा है। रिटायर शिक्षकों से 16 अक्टूबर तक आनलाइन आवेदन भी मांगे गए हैं। नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शर्त रखी हैं।
यानि अनुबंध के आधार पर छह महीने के लिए नियुक्ति होगी, साथ ही नियुक्ति की अवधि दो साल से अधिक नहीं होगी। कभी भी नोटिस देकर हटाया जा सकता है। साथ ही आवेदकों को कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालय व आइसीएआर जैसे संस्थानों से सेवानिवृत्त होना चाहिए।
विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 65 से 70 प्रतिशत पद खाली है। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है, लेकिन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए संविदा यानि अनुबंध आधार पर रिटायर शिक्षकों की नियुक्त की जा रही है। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। -अजय कौशल, कुल सचिव, राजमाता विजयाराजे सिंधिया विश्वविद्यालय