बीपीटी और डीएमएलटी प्रायोगिक परीक्षा के अंक ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर, जीवाजी विवि का निर्देश
जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पोर्टल पर अंक दर्ज करते समय किसी भी परीक्षार्थी के रोल नंबर के सामने अंक अथवा अनु...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 03:59:09 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 03:59:56 PM (IST)
HighLights
- 14 अक्टूबर तक अपलोड करें अंक
- खाली छोड़ने पर माना जाएगा अनुपस्थित
- त्रुटि सुधार पर 1000 रुपये दंड
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग द्वारा पैरामेडिकल और फार्मेसी पाठ्यक्रमों के परीक्षार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा के अंकों को लेकर आवश्यक सूचना जारी की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेस के समन्वयक को निर्देशित किया है कि बीपीटी, बीएमएलटी और डीएमएलटी प्रथम वर्ष नियमित व भूतपूर्व छात्र परीक्षा मार्च-2025 के प्रायोगिक परीक्षा के अंक 14 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएं।
विश्वविद्यालय के स्पष्ट निर्देश
विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पोर्टल पर अंक दर्ज करते समय किसी भी परीक्षार्थी के रोल नंबर के सामने अंक अथवा अनुपस्थित ही दर्ज करें किसी भी, स्थिति में कॉलम को रिक्त या डैश न छोड़ें। यदि निर्धारित समय-सीमा में पोर्टल पर अंक अपडेट नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित छात्र को उस विषय में अनुपस्थित मानकर परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी छात्र और महाविद्यालय के प्राचार्य की होगी।
किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन प्रायोगिक अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे और समयावधि का पालन न करने पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
त्रुटि सुधार के लिए परीक्षा परिणाम से पूर्व एक हजार रुपये प्रति छात्र लगेगा अर्थदंड
इसके अतिरिक्त, यदि अंक प्रेषित करने में कोई टंकण त्रुटि होती है, तो संबंधित संस्थान परीक्षा परिणाम घोषित होने से पूर्व मूल रिकार्ड के साथ प्रति छात्र 1000 रुपये अर्थदंड जमा कर अंक सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी स्थिति में अंक सुधार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।