ग्वालियर की बदहाल सड़कों और व्यवस्थाओं पर प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट करेंगे समीक्षा, हाई कोर्ट की जांच में फेल हुईं थीं सड़कें
सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शहर की सड़कों की मरम्मत और खराब स्थिति को लेकर जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे।
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 09:11:25 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 09:11:50 PM (IST)
शहर के बदहाल सड़क से गुजरता दो पहिया वाहन चालक। नईदुनियाHighLights
- सड़क निर्माण और पैचवर्क में घोर लापरवाही
- मच्छर जनित बीमारियों और फागिंग का ढुलमुल रवैया
- चौराहों पर लगता ट्रैफिक जाम, आमजन परेशान
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर शहर की सड़कों की वर्तमान हालत और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हकीकत अब किसी से छिपी नहीं है। हाई कोर्ट में खराब सड़कों को लेकर चल रहे मामले में पेश हुईं जांच रिपोर्ट में सड़कें फेल हो रहीं हैं, सड़कों को बनाने के लिए प्रोटोकाल में नियमों का मजाक उड़ाया गया। सड़क एक जगह से नहीं जितनी जगह से सैंपल हुए सभी जगह से फेल हो गईं। इससे सड़क बनाने वाले जिम्मेदारों की भी पोल खुल गई। जब सड़कें बन रहीं थीं कि जिम्मेदारों ने मानीटरिंग नहीं की।
सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शहर की सड़कों की मरम्मत और खराब स्थिति को लेकर जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे। सड़कों की बदहाली को लेकर रोजाना जनता परेशान है, पैच रिपेयरिंग तक नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही प्रभारी मंत्री जल निकासी, मच्छर जनित बीमारियां, कानून व्यवस्था व अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी लेंगे।
जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट 21 सितंबर को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर 'सेवा-संकल्प अभियान' एवं मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की समीक्षा करेंगे।
इस बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था, स्कूलों की व्यवस्थाओं एवं वर्षा जनित बीमारियों की रोकथाम के लिये किए गए उपायों की समीक्षा भी प्रभारी मंत्री द्वारा की जायेगी। यह बैठक इस दिन प्रात: नौ बजे वीआइपी सर्किट हाउस मुरार में आयोजित होगी। बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों व एजेंसियों के प्रतिनिधियों को अपडेट जानकारी के साथ बुलाया गया है।
यहां स्थितियां ठीक नहीं
- सड़कें: ग्वालियर की सड़कों की बदहाली अभी भी जारी है, हाई कोर्ट में चल रही याचिका की सुनवाई के क्रम में जांच रिपोर्ट में दो सड़कें गुड़ा गुड़ी का नाका और चेतकपुरी रोड फेल सामने आई,इनका निर्माण घटिया किया। यह भी अब संदेह नहीं कि ग्वालियर की जो शेष सड़कें बदहाल हाल में उनका भी निर्माण गुणवत्ता पूर्ण किया गया होगा। शिंदे की छावनी मुख्य मार्ग भी इसका बड़ा उदाहरण है। नगर निगम पैच वर्क कर मोटरेबल तक सड़कों को नहीं करा पा रहा है, पाश इलाके सिटी सेंटर के आंतरिक मार्ग तक बेहाल पड़े हैं।
मच्छर जनित रोग-लार्वा सर्वे-फागिंग सुस्त: इस समय मच्छर जनित रोग को लेकर मैदानी स्तर पर हालात पूरी तरह ठीक नहीं हैं। मलेरिया विभाग की ओर से लगातार लार्वा सर्वे का दावा किया जाता है, आंकड़े ही पेश किए जा रहे हैं मैदान में उतना काम नहीं। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में फागिंग को लेकर संसाधनों की कमी है, हर विधानसभा में फागिंग नहीं हो पा रही है। शिकायत करने के बाद यह भरोसा भी नहीं कि फागिंग टीम आएगी या नहीं।
ट्रैफिक प्रबंधन: ग्वालियर में रोजाना चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है, पीक समय में खराब सड़कों के साथ अव्यवस्थाओं के कारण ट्रैफिक रेंगरेंग कर चलता है। ट्रैफिक जाम के हाट स्पाट लंबे समय से बने हैं जिनके फूलबाग, एलआईसी तिराहा के आगे, शिंदे की छावनी, नौगजा रोड सहित कई ऐसे मार्ग शामिल हैं।