ग्वालियर में पीएम आवास योजना के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू, 1675 नए आवास बनाने की तैयारी हुई तेज
भोपाल-इंदौर के लिए राज्य शासन ने जनवरी में अनुमोदन दिया था, लेकिन ग्वालियर को सितंबर में जाकर अनुमोदन मिल पाया है।
Publish Date: Fri, 30 Oct 2026 10:46:41 AM (IST)Updated Date: Fri, 30 Oct 2026 10:48:06 AM (IST)
HighLights
- टीएंडसीपी से अनुमति की प्रक्रिया शुरू
- 40 हजार लोगों ने कराया पंजीकरण
- नवंबर में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में देशभर में सबसे सफल ग्वालियर नगर निगम को दूसरे चरण के अंतर्गत आवास तैयार करने के लिए देरी से अनुमोदन मिल पाया है। भोपाल-इंदौर के लिए राज्य शासन ने जनवरी में अनुमोदन दिया था, लेकिन ग्वालियर को सितंबर में जाकर अनुमोदन मिल पाया है।
1675 बनेंगे आवास, टीएंडसीपी से मांगी अनुमति
यही कारण है कि इस योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत इंदौर में निर्माण ठेकेदारों का चयन तक हो गया है और भोपाल में तकनीकी व वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है, जबकि ग्वालियर में अब कागजी कार्रवाई शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत 1675 आवास तैयार किए जाने हैं, लेकिन अभी सिर्फ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) की विकास अनुज्ञा की प्रक्रिया ही चल रही है।
गुरुवार को नगर निगम के कार्यपालन यंत्री पीआइयू पवन शर्मा और संपदा अधिकारी मनीष यादव ने टीएंडसीपी के अधिकारियों के साथ मानपुर फेज-2 का स्थल निरीक्षण भी किया। इसके बाद नगर निगम को स्वयं ले-आउट पास कराकर भवन निर्माण की मंजूरी की प्रक्रिया करनी होगी।
इसके बाद रेरा में पंजीयन और टेंडर की प्रक्रिया कर ठेकेदार का चयन करना होगा। इस प्रक्रिया में लगभग तीन माह का समय लगने की संभावना है। तब तक बाकी महानगरों में इन आवासों का ढांचा तक तैयार होना शुरू हो जाएगा। दरअसल, पीएम आवास योजना के पहले चरण में देशभर में ग्वालियर नगर निगम द्वारा तैयार किए गए 3960 आवासों को रोल माडल के रूप में देखा जाता है।
अब तक 40 हजार लोगों ने कराए रजिस्ट्रेशन
सर्वसुविधायुक्त इन आधुनिक आवासों में लोग पिछले लगभग चार वर्षों से निवास कर रहे हैं। दूसरे चरण के अंतर्गत आवासों की बहुत मांग है। लगभग 40 हजार लोगों ने अब तक ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। ऐसे में अब दूसरे चरण के लिए प्रक्रिया तेज की गई है।
ऐसे बनेंगे आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 1675 आवास तैयार जाएंगे। इसमें पार्किंग प्लस छह मंजिला 20 ब्लाक तैयार किए जाएंगे। हर ब्लाक में 48 फ्लैट होंगे। इस प्रकार कुल मिलाकर 960 ईडब्ल्यूएस फ्लैट तैयार होंगे। इसी प्रकार एलआइजी के 576 फ्लैट तैयार होंगे। ये फ्लैट नौ ब्लाक में तैयार होंगे। हर ब्लाक पार्किंग प्लस आठ मंजिल का होगा और एक ब्लाक में 64 फ्लैट होंगे। इसी प्रकार एमआइजी के रूप में 139 रो हाउस तैयार किए जाएंगे। ये रो हाउस जमीन पर स्वतंत्र आवास के रूप में दिए जाएंगे।
अगले माह टेंडर का लक्ष्य
वर्तमान में इंदौर में पांच कंपनियों को लगभग 200-200 करोड़ रुपये का ठेका पीएम आवास बनाने के लिए दे दिया गया है। चूंकि वहां अनुमोदन पहले मिल गया था, इस कारण वहां प्रक्रिया पहले शुरू हो गई। इसी को देखते हुए अब ग्वालियर में भी अनुमोदन के बाद टेंडर करने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार नवंबर माह में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
यह सही है कि इंदौर-भोपाल में ठेकेदार एजेंसियां फाइनल कर दी गई हैं, लेकिन वहां राज्य शासन से अनुमोदन पहले मिल गया था। हमें सितंबर माह में अनुमोदन प्राप्त हुआ है। उस आधार पर अब हम भी प्रक्रिया तेज कर रहे हैं। नवंबर माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। - अभिषेक चौधरी, आयुक्त नगर निगम