ग्वालियर में सांदीपनि पद्मा स्कूल की छत गिरी, 25 एमएम के मजबूत पिलर टूटने से निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
पिछले दिनों शिक्षा विभाग और पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन की टीम को निरीक्षण के दौरान सांदीपनि पटेल स्कूल के निर्माणाधीन भवन में भी क्रेक मिले थे।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 09:31:31 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 09:31:56 AM (IST)
निर्माणाधीन भवन की छत ढलाई के दौरान पिलर गिरने से हुई दुर्घटना और मजदूर राम झरोखा,राजेश बंसल और दिलेश्वर घायल हुए हैं। नईदुनियाHighLights
- कंक्रीट का वजन अधिक होने से बैठी शटरिंग
- पहले भी मिल चुके हैं निर्माणाधीन भवन में क्रैक
- तकनीकी टीम करेगी हादसे और गुणवत्ता की जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सांदीपनि पद्मा स्कूल में छत गिरने के हादसे के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि कंक्रीट का वजन अधिक होने से शटरिंग बैठ गई और छत नीचे आ गिरी। हालांकि, हादसे में भवन के पिलर भी टूट गए। इन पिलरों में 25-25 एमएम की कई सरियों का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में लोग निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्न उठा रहे हैं।
हाल ही में निरीक्षण टीम को निर्माणाधीन भवन में कुछ जगह मिले थे क्रेक
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि पिलरों को देखकर ही उनमें सीमेंट की मात्रा कम लग रही थी। गुणवत्ता को लेकर संदेह इसलिए भी बढ़ा है, क्योंकि पिछले दिनों शिक्षा विभाग और पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन की टीम ने जिले के सभी सांदीपनि स्कूलों के निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया था। उस दौरान सांदीपनि पटेल स्कूल के निर्माणाधीन भवन में कुछ जगह क्रेक भी मिले थे। निर्माण एजेंसी के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सांदीपनि स्कूलों के भवन पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन बनवा रहा है।
इंजीनियरों ने गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
पद्मा स्कूल के भवन का निर्माण ठेकेदार गुलशन राय को सौंपा गया है। काम की निगरानी के लिए कार्पोरेशन ने प्रोजेक्ट इंजीनियर, सहायक इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों की टीम तैनात की है। पिलरों के टूटने के बाद यह पूछा जा रहा है कि निर्माण की निगरानी कर रहे इंजीनियरों ने गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं
मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आई है। मजदूरों के अनुसार, काम के दौरान कुछ को हेलमेट, बेल्ट और जूते मिलते हैं, जबकि कुछ को ये सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। ऐसे में उन्हें असुरक्षित स्थिति में काम करना पड़ता है।
तकनीकी टीम करेगी जांच
कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने हादसे की जांच के लिए तकनीकी टीम भेजने के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही छत गिरने की वजह और निर्माण की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में सीमेंट कम और खाका अधिक इस्तेमाल किया गया। खाका काली गिट्टी बनाने के दौरान निकलने वाला बुरादा होता है, जिसका रंग सीमेंट जैसा दिखाई देता है।
शहर में 4 और ग्रामीण क्षेत्र में 4 सांदीपनि स्कूल
शहर में चार सांदीपनि स्कूल और ग्रामीण क्षेत्र में चार सांदीपनि स्कूल हैं। शहर में पद्मा विद्यालय, पटेल स्कूल हजीरा, माडल स्कूल डीडीनगर, कन्या किलागेट शासन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कुलैथ, डबरा, बेरजा हस्तिनापुर में हैं। इनमें ग्वालियर सांदीपनि कन्या स्कूल किलागेट का भवन बन चुका है। पद्मा विद्यालय में भवन दो पार्ट में बन रहा है। एक पार्ट का काम पूरा हो गया है। जिसमें स्कूल संचालित है और दूसरे का निर्माण चल रहा है। पटेल स्कूल, माडल डीडी नगर, पिछोर, बेरजा व हस्तिनापुर के स्कूलों के भवन निर्माण का काम चल रहा है। सभी को पुलिस हाउसिंग बोर्ड कार्पोरेशन बना रहा है।
चार लोग दूसरी मंजिल पर शटरिंग पर डाले गए कंक्रीट को बराबर कर रहे थे। अचानक छत नीचे ढहने लगी। उन्हें आशंका है कि शटरिंग को सहारा देने वाली बल्ली या बांस टूट गया, जिससे शटरिंग बैठ गई। उनके हाथ में फ्रैक्चर आया है। उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे दब जाते तो जान भी जा सकती थी। -हरिराम बंसल, घायल मजदूर।
कंक्रीट फैलाने के बाद अन्य मजदूर चले गए थे। वह तीन अन्य लोगों के साथ उसे लेवल कर रहे थे, तभी छत गिरने लगी। वे सरियों के बीच फंसकर लटक गए और कंक्रीट व पिलरों के नीचे आने से बच गए। अन्य मजदूरों ने उन्हें बीच से बाहर निकाला। -राजेश, मजदूर।