Gwalior Accident: 15 मौतों का दोषी सिस्टम! सिर्फ 4 स्टॉपर और नदारद पुलिस के भरोसे छोड़ा गया था मौत का रास्ता
नईदुनिया पड़ताल में सामने आया है कि मौके पर न पुलिस कर्मी थे और न निगरानी के लिए पुलिसकर्मी। यहां ओवरलोड ट्रक पीबी 10 जीके 4099 आया और ढलान पर यह हादस...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 10:18:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 08:17:23 AM (IST)
ट्रॉमा सेंटर के बाहर मृतक दिव्यांश की मां बिलखते हुए। नईदुनियाHighLights
- शॉर्टकट और टोल बचाने की लापरवाही
- मौके से नदारद रहे पुलिसकर्मी
- लापरवाही पर नौ पुलिसकर्मी निलंबित
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार पर हुई भीषण दुर्घटना महज इत्तेफाक नहीं था, बल्कि यह सिस्टम की बेपरवाही और पुलिसिया भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण है। जिस ढलान पर लोगों की सांसें उखड़ीं, वहां मौत का तांडव खाकी की लापरवाही से ही मचा।
'नईदुनिया' की पड़ताल में सामने आया है कि केवल चार स्टापर के भरोसे पूरे रास्ते पर ओवरलोड ट्रक, डंपरों को डायवर्ट करने की व्यवस्था बना दी गई। मौके पर न पुलिस कर्मी थे और न निगरानी के लिए पुलिसकर्मी। यहां ओवरलोड ट्रक पीबी 10 जीके 4099 आया और ढलान पर यह हादसा हो गया।
साठगांठ से वाहन निकालने की आदत बनी जानलेवा
भितरवार, चीनौर और बनवार की तरफ से आने वाले भारी वाहनों के लिए मुख्य मार्ग तय है। नियम साफ है कि वाहन डबरा हाईवे से सिकरोदा और मेहरा टोल प्लाजा होते हुए निकलेंगे। इस रास्ते में 20 से 25 किमी का चक्कर है और साथ ही टोल टैक्स भी लगता है।
शॉर्टकट का लालच
डीजल और टोल बचाने के लिए ड्राइवर चीनौर हाईवे से जुड़े इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। मंदिर के बगल में ढलान से उतरकर सांतऊ होते शिवपुरी लिंक रोड से ग्वालियर में प्रवेश कर जाते हैं। यहां से भी शहर के अंदर साठगांठ से प्रवेश मिल जाता है।
मंदिर के मुख्य द्वार के सामने धान से भरा ट्रक से हुई दुर्घटना और मृतक गौरव की बिलखती मां। नईदुनिया
पहली चूक: महज चार स्टॉपर और नदारद पुलिस
हादसे वाली जगह पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक बड़ा धोखा परोसा गया था। मंदिर के पहले तोड़ा मोड़ पर न तो कोई बैरिकेड था और न ही एक भी सिपाही तैनात। आगे ढलान के मुहाने पर सिर्फ चार स्टॉपर रख दिए गए थे, वहां से पुलिसकर्मी नदारद थे। जब क्षमता से कहीं अधिक 40 टन धान से लदा वह ओवरलोड ट्रक इस चोर रास्ते से घुसा, तो सीधी ढलान पर उतरते ही उसका दम तोड़ना तय था। अत्यधिक वजन के दबाव में ट्रक का ब्रेक प्रेशर लीक हो गया और वह बेकाबू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- छह दिन से पुलिस नहीं, सिर्फ स्टापर ही लगे
सूरज प्रजापति ने बताया कि वह मौके पर मौजूद थे। वह अपने चाचा की दुकान पर थे, जिनकी दुकान पर ट्रक चढ़ा। छह दिन से ऊपर सिर्फ स्टापर लगे थे, एक दिन भी पुलिस तैनात नहीं रही। अगर यह ट्रक ऊपर ही रोक लिया जाता तो हादसा होता ही नहीं।
इनकी लापरवाही आई सामने, निलंबित
- गीतेश शर्मा, आंतरी थाना प्रभारी- इनके थाना क्षेत्र से ट्रक शीतला माता मंदिर के रास्ते आया लेकिन रोका नहीं गया।
- शक्ति सिंह यादव, झांसी रोड थाना प्रभारी- इनके क्षेत्र में हादसा हुआ।
- अभिषेक रघुवंशी, यातायात थाना प्रभारी- संपूर्ण ट्रैफिक व्यवस्था यातायात थाना झांसी रोड के अंतर्गत निर्धारित है।
- राघवेंद्र जादौन, ट्रैफिक निरीक्षक- रात्रि शिफ्ट में यातायात व्यवस्था के प्रभारी।
- आरक्षक अनिल जैतपुरिया और पवन सेंगर चीनौर रोड स्थित नाका क्रमांक- 1 पर ड्यूटी थे, लेकिन गायब थे।
- प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी, आरक्षक किशन खन्ना तोड़ चौराहा पर ड्यूटी थी, लेकिन गायब थे।
एएसपी को इस मामले की जांच सौंपी है। अभी प्राथमिक जांच में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया है। आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। स्पष्ट रूप से लापरवाही हुई है। - असित यादव, डीआईजी, ग्वालियर रेंज
दुर्घटना में कहां चूक हुई और कौन दोषी है, यह साफ है। इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच होनी चाहिए। मृतक के स्वजन के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। - सुरेंद्र सिंह यादव, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष