जीवाजी विवि में बास्केटबॉल स्पर्धा के लिए बजट बचाने मजदूरों की जगह छात्रों से कराई कोर्ट की रंगाई पुताई
जीवाजी विवि में 30-31 अक्टूबर को राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होना है।
Publish Date: Fri, 30 Oct 2026 10:09:37 AM (IST)Updated Date: Fri, 30 Oct 2026 10:24:34 AM (IST)
जेयू का बास्केटबॉल कोर्ट। सोशल मीडियाHighLights
- छात्रों से कराई जा रही कोर्ट की सफाई
- निदेशक बोले- छात्रों ने जताई थी इच्छा
- इंजीनियरिंग विभाग की सुस्ती से संकट
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में 30 व 31 अक्टूबर को राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता होने वाली है। इसके बास्केटबॉल कोर्ट तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन कोर्ट को विवि के कर्मचारी व मजदूरों को तैयार करना था। लेकिन जिम्मेदारों ने यह काम शारीरिक शिक्षा विभाग में पढ़ रहे छात्रों से ही करा लिया।
साथ ही पूछने पर उनका जवाब था कि छात्र अपनी इच्छा से ही यह काम कर रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल बजट को बचाने का है।
10 से 12 टीमें लेंगी भाग
जीवाजी विवि में 30-31 अक्टूबर को राज्य स्तरीय बास्केटबॉल पुरुष प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर कॉलेजों की 10 से 12 टीमें चुनौती पेश करेंगी। प्रतियोगिता शुरू कराने से पहले विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग को सभी बास्केटबॉल कोर्ट की सफाई करानी थी और इनकी रंगाई-पुताई भी करानी थी। हालांकि प्रतियोगिता कराने से लेकर उसकी तैयारियों के लिए पूरा बजट होता है।
कोर्ट को तैयार करने व रंगाई पुताई के लिए भी बजट रहता है। बावजूद इसके विभाग में पढ़ने वाले छात्रों को सफाई व रंगाई पुताई में लगा दिया गया। जबकि विवि में इन कामों के लिए नियमित व आउट सोर्स के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद हैं।
छात्रों की इच्छा कहकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास
जब इस संबंध में जीवाजी विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. विजय मोघे से पूछा गया कि कर्मचारियों या मजदूरों की जगह छात्रों से सफाई और रंगाई पुताई का काम क्यों कराया गया। तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया।
उनका कहना था कि छात्रों ने कोर्ट तैयार करने की इच्छा जताई थी। इसलिए उनसे काम कराया गया है।
खेल से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर जब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता होनी हो तो ऐसे लोगों से मैदान व कोर्ट तैयार कराया जाता है जो इस काम में पारंगत होते हैं। जबकि छात्र तो अभी सीख ही रहे हैं।
इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने दिखाई सुस्ती!
बताया जा रहा है कि जीवाजी विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट विश्वविद्यालय के मेंटेंस के काम करता है। शारीरिक शिक्षा विभाग ने एक महीने पहले बास्केटबॉल कोर्ट को चकाचक कराने के लिए नोटशीट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट तक चलाई थी। लेकिन आपसी मत-भेद के चलते इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने ध्यान नहीं दिया और शारीरिक शिक्षा विभाग को मजबूरन अपनी साख बचाने अपने स्टूडेंटों को इस काम में जुटाना पड़ा।