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Gwalior Zoo: पर्यटकों को बाघिन मीरा के शावकों का दीदार करने के लिए करना होगा इंतजार, उमस और गर्मी बनी बाधा

पहले कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के संक्रमण के खतरे के कारण शावकों को आईसोलेशन में रखा गया था। अब ग्वालियर में लगातार उमस ...और पढ़ें

By Priyank SharmaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 11:53:04 AM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 11:53:30 AM (IST)
Gwalior Zoo: पर्यटकों को बाघिन मीरा के शावकों का दीदार करने के लिए करना होगा इंतजार, उमस और गर्मी बनी बाधा
चिड़ियाघर के सुरक्षित बाड़े में शावकl सौजन्य: चिड़ियाघर

HighLights

  1. पहले वायरस का खतरा, अब मौसम से रुकावट
  2. 5 अप्रैल को जन्में तीनों शावक स्वस्थ और चिकित्सकों की निगरानी में
  3. मौसम अनुकूल होने पर सीमित समय के लिए बाहरी बाड़े में आएंगे शावक

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा के तीनों नन्हें शावकों को देखने के लिए सैलानियों को अभी और इंतजार करना होगा। साढ़े तीन महीने के हो चुके तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें पर्यटकों के सामने लाने की तैयारी टाल दी गई है। पहले कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के संक्रमण के खतरे के कारण शावकों को आईसोलेशन में रखा गया था। अब ग्वालियर में लगातार उमस और गर्मी उनके बाहरी बाड़े में आने की राह में बाधा बन रही है।

बढ़ सकता है संक्रमण का जोखिम

चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार छोटे शावकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में गर्मी और उमस के दौरान संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए उन्हें सुरक्षित वातावरण में ही रखा जा रहा है। तापमान सामान्य होने और उमस कम होने के बाद शावकों को पहले सुबह और शाम सीमित समय के लिए बाड़े में लाया जाएगा। इस दौरान उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। खुले वातावरण में सहज होने की स्थिति आने पर ही पर्यटक उनका दीदार कर पाएंगे।


अप्रैल में दो पीले, एक सफेद शावक ने दिया था जन्म

बता दें कि मीरा ने गत पांच अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें दो पीले और एक सफेद शावक शामिल है। इस मामले में चिड़ियाघर प्रभारी डा. उपेंद्र यादव का कहना है कि तीनों शावक स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं। फिलहाल मौसम के कारण उन्हें बाहरी बाड़े में नहीं लाया गया है। मौसम अनुकूल होने पर शावकों को धीरे-धीरे बाहरी बाड़े में लाया जाएगा।