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जबलपुर में नो एंट्री के बावजूद शहर में दौड़ रहीं बसें, बंदरिया तिराहा, छोटी लाइन से घुस रहीं, ग्वालियर जैसे हादसे का खतरा

जबलपुर में नवरात्र पर लाखों श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए सड़कों पर हैं, लेकिन नो एंट्री के बावजूद यात्री बसें शहर के भीतरी मार्गों पर बेखौफ दौड़ रही है...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 12:42:44 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 12:42:44 PM (IST)
जबलपुर में नो एंट्री के बावजूद शहर में दौड़ रहीं बसें, बंदरिया तिराहा, छोटी लाइन से घुस रहीं, ग्वालियर जैसे हादसे का खतरा
जबलपुर में नवरात्र पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

HighLights

  1. नो एंट्री के बावजूद शहर में दौड़ रहीं यात्री बसें
  2. रात 8 से 12 बजे तक सबसे ज्यादा भीड़
  3. ग्वालियर में 14 मौत बाद भी लापरवाही जारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नवरात्र में देवी दर्शन के लिए सड़कों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नो एंट्री लागू होने के बावजूद यात्री बसें शहर के भीतरी मार्गों पर बेखौफ दौड़ रही हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।

शाम होते ही उमड़ रही भीड़, बढ़ रहा हादसे का खतरा

शाम होते ही पंडालों, झांकियों और भंडारा स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है। शहर में रात आठ से रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इसी दौरान भारी वाहनों की आवाजाही हादसे का खतरा बढ़ा रही है। ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास अनियंत्रित ट्रक से 16 श्रद्धालुओं की मौत की घटना के बाद भी शहर की सड़कों पर लापरवाही जारी है।


रात 2 बजे तक सड़कों पर श्रद्धालु, जाम के हालात

मध्य क्षेत्र के साथ गोराबाजार, पेंटीनाका, गौरीघाट, गढ़ा, गोरखपुर, सदर, अधारताल, महाराजपुर, तिलवारा, धनवंतरि, रांझी और आइएसबीटी तक देवी दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही बनी हुई है। आकर्षक झांकियों और भंडारों के आसपास सड़कों पर कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर जाम के हालात बन रहे हैं और रात दो बजे के बाद तक श्रद्धालु सड़कों पर नजर आ रहे हैं। ऐसे में बंदरिया तिराहा, छोटी लाइन फाटक और महानद्दा के रास्ते यात्री बसों का संचालन, यहां तक कि राइट टाउन तक बसों का पहुंचना, किसी हादसे की आशंका बढ़ाता है।

पहले भी जानलेवा साबित हो चुकी है लापरवाही

श्रद्धालुओं के बीच बेकाबू बस घुसने का खतरा पहले भी सामने आ चुका है। 30 सितंबर 2025 को नवरात्र के दौरान सिहोरा में गौरी तिराहा के समीप स्टेडियम के पास आयोजित भंडारे में तेज रफ्तार बस घुस गई थी। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें एक महिला की बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। भगदड़ में भी लोग घायल हुए थे। इसके बावजूद नो एंट्री के समय बसें भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहुंच रही हैं। पिछली घटना से सबक नहीं लेने और बसों को भीड़ के बीच घुसने की अनुमति से पुलिस की जांच और नो एंट्री व्यवस्था भी संदिग्ध हो गई है।

बायपास छोड़ शहर में घुस रहीं बसें

ट्रक एवं बस संचालकों की ओर से बायपास के बजाय शहर के भीतर से गुजरने की मनमानी के पीछे कम दूरी और ईंधन बचाने की कोशिश को वजह माना जा रहा है। यातायात पुलिस का दावा है कि शाम होते ही यात्री बसों को बाहरी मार्गों और बायपास की ओर डायवर्ट किया जा रहा है और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद शहर के भीतर बसों की आवाजाही व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है।