
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सिंधिया राजघराने के संपत्ति विवाद में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ स्व. पद्मावती राजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी को कोर्ट में अब समझौते में धोखाधड़ी के उनके आरोपों के संदर्भ में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। बुधवार को जिला कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने आवेदन पर बहस के आधार पर निर्णय न करने की बात कहते हुए साक्ष्य मांगे।
अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है। अगली सुनवाई में केंद्रीय मंत्री सिंधिया व उनकी बुआओं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया व ऊषा राजे सिंधिया की ओर से बंटवारा राजीनामा से होने का पक्ष रखा जाएगा। हालांकि प्रतिमा देवी ने यह आवेदन दिया था कि अगली तिथि दिसंबर माह में लगाई जाए, क्योंकि वह विदेश में रहेंगी, लेकिन बाद में उन्होंने आवेदन वापस ले लिया।
बता दें कि सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति का विवाद अतिरिक्त सत्र न्यायालय में चल रहा है। जिसमें प्रतिमा देवी ने आवेदन देकर धोखे से समझौते पर हस्ताक्षर कराने जाने की बात कही थी। सात अक्टूबर को हुई सुनवाई में इस आवेदन पर बहस पूरी हो गई थी। तब ज्योतिरादित्य सिंधिया की तीन बुआओं ने आपसी सहमति से हस्ताक्षर करने और डिनर के दौरान फोटो शूट कराए जाने की बात कही थी।