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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश के 421 और मध्य प्रदेश के कुल 18 विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने घोषित किया डिफाल्टर

देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति करना थी।

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sat, 03 Feb 2024 09:43:19 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Feb 2024 09:50:28 AM (IST)
देश के 421 और मध्य प्रदेश के कुल 18 विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने घोषित किया डिफाल्टर
देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति करना थी।

HighLights

  1. लोकपाल की नियुक्ति में लापरवाही पड़ी विश्वविद्यालयों को भारी
  2. यूजीसी ने 31 दिसंबर 2023 तक की अंतिम मोहलत भी दी थी
  3. जब विश्वविद्यालयों ने गंभीर लापरवाही बरती तो यूजीसी ने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आदेश को हल्के में लेना मप्र के 18 सहित देशभर के 421 विश्वविद्यालयों को भारी पड़ गया। यूजीसी ने इन सभी विश्वविद्यालयों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। मप्र के 18 में ग्वालियर स्थित प्रतिष्ठित जीवाजी विश्वविद्यालय और राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। यूजीसी ने देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को अनिवार्य रूप से लोकपाल नियुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन विश्वविद्यालयों ने कोई कार्रवाई नहीं की। यूजीसी ने 31 दिसंबर 2023 तक की अंतिम मोहलत भी दी थी। जब विश्वविद्यालयों ने गंभीर लापरवाही बरती तो यूजीसी ने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया। यूजीसी ने सभी डिफाल्टर विश्वविद्यालयों को स्पष्ट कर दिया है कि शीघ्रता से लोकपाल की नियुक्ति कर यूजीसी को अवगत करवाएं।

लोकपाल करेंगे छात्र समस्या का निवारण

देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति करना थी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों की शिकायतों के लिए शिकायत निवारण विनियम-2023 को अधिसूचित कर दिया था। इसके तहत प्रवेश संबंधी गड़बड़ी, फीस, सर्टिफिकेट वापस न करना, उत्पीड़न, परीक्षा संचालन में अनियमितता, छात्रवृति, दाखिले के लिए अलग से धन की मांग करना, आरक्षण नियमों का पालन न करना जैसी अन्य शिकायतों पर अब 15 कार्य दिन में समिति को रिपोर्ट करने और निपटारा करने का दायित्व लोकपाल का होगा।


naidunia_image

प्रदेश के 18 डिफाल्टर विश्वविद्यालय

1. अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा

2. अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल

3. धर्मशास्त्र नेशनल ला विश्वविद्यालय, जबलपुर

4. डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी आफ सोशल साइंस, इंदौर

5. जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर

6. जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

7. मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर

8. महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर

9. महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन

10. महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट

11. माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी आफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, भोपाल

12. नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर

13. पंडित एसएन शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल

14. राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एंड आर्ट्स विश्वविद्यालय, ग्वालियर

15. राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा

16. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल

17. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर

18. सांची यूनिवर्सिटी आफ बुद्धिस्ट इंडेक्स स्ट्डीज, भोपाल