
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सनातन धर्म में एकादशी पर्व का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह दो एकादशी व्रत आते हैं और इस दौरान भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है। मार्च माह की बात की जाए तो पहला एकादशी व्रत बुधवार को रखा जाएगा, जिसे विजया एकादशी व्रत कहा जाता है।
पौराणिक धर्म ग्रंथों की बात की जाए तो पद्म पुराण और स्कंद पुराण में भी विजया एकादशी व्रत का उल्लेख मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से भक्तों की किसी हार का सामना नहीं करना पड़ता।
पूजा के दौरान इन बातों की रखें सावधानी विजया एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के दौरान पंचामृत का भोग जरूर लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि पंचामृत भगवान विष्णु को अत्यधिक प्रिय है। पंचामृत का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। एकादशी पर सनातन धर्म मंदिर व जिला कोर्ट के पास स्थित गिर्राज धारण मंदिर व राम मंदिर व लक्ष्मी नारायण मंदिर पर विशेष श्रृंगार किया जायेगा और फलाहरी भोग अर्पित किया जायेगा।