यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नैरोगेज के लिए 14 नए कोचों को मिली मंजूरी
ग्वालियर। ग्वालियर से श्योपुर के बीच चलने वाली नैरोगेज ट्रेन के संचालन में पुराने, जर्जर कोचों की वजह से होने वाली परेशानी कुछ समय बाद दूर हो जाएगी। इ...और पढ़ें
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Publish Date: Tue, 06 Sep 2016 01:16:38 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Sep 2016 01:16:38 AM (IST)

ग्वालियर। ग्वालियर से श्योपुर के बीच चलने वाली नैरोगेज ट्रेन के संचालन में पुराने, जर्जर कोचों की वजह से होने वाली परेशानी कुछ समय बाद दूर हो जाएगी। इसके लिए 14 नए कोचों के निर्माण के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिल गई है।
ग्वालियर से श्योपुर के बीच चलने वाली नैरोगेज ट्रेनों के संचालन में लंबे समय से काफी परेशानी आ रही है। इसका मुख्य कारण कोचों की कमी और जो कोच हैं, उनका जर्जर होना है। इससे आएदिन डिरेलमेंट भी हो रहा है। इस स्थिति के चलते ग्वालियर-सबलगढ़ के बीच चलने वाली डीआरसी पैसेंजर बंद की जा चुकी है। अभी वर्तमान में जो ट्रेनें चल रही हैं, उनके संचालन पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए रेलवे नए कोचों के इंतजाम में लग गया है। कुछ माह पहले रेलवे बोर्ड को 14 नए नैरोगेज कोचों के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। कोचों के निर्माण को बोर्ड से हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इनका प्रोडक्शन शुरू होगा। इसके बाद यह नए कोच नैरोगेज को मिलेंगे।
निर्माण में लगेगा कम से कम एक साल का समय
हालांकि नए कोचों के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन कम से कम एक साल तक नैरोगेज को इसी स्थिति से गुजरना होगा। क्योंकि इनके प्रोडक्शन के लिए कोच कारखाने में ऑर्डर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी और इसमें कम से कम एक साल लगेगा।