• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

सरकारी राशन पर बेपरवाह सिस्टम: खुलेआम सड़ रहा है लाखों का गेहूं, वहीं 15 क्विंटल चावल कालाबाजारी का मामला भी दबा

राशन की दुकानों के माल की गडबड़ के मामले सामने आ रहे हैं। पूरा एक तंत्र होने के बाद भी सरकारी राशन की शत प्रतिशत निगरानी नहीं है। एक तरह से यह दोनों म...और पढ़ें

By Varun SharmaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 04:57:20 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 04:57:44 PM (IST)
सरकारी राशन पर बेपरवाह सिस्टम: खुलेआम सड़ रहा है लाखों का गेहूं, वहीं 15 क्विंटल चावल कालाबाजारी का मामला भी दबा

HighLights

  1. मुरार कैंटोनमेंट से पकड़ा गया था 15 क्विंटल चावल
  2. गोदाम में रखे-रखे सड़ रहा 435 क्विंटल गेहूं
  3. कालाबाजारी के नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाया तंत्र

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सरकारी राशन को लेकर सिस्टम की बेपरवाही है। यही कारण है कि सरकारी राशन के मामले में परतें ही नहीं खुल पाती हैं कि इनकी कालाबाजारी के पीछे कौन कौन सी कड़ियां हैं। एक मामले में ट्रक भरे गेंहू को पकड़ लिया जाता है और वह सड़ने की कगार पर आ गया है लेकिन उसका निपटान नहीं हो सका है। वहीं ताजा दूसरे मामले में 15 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा जाता है लेकिन इसे बेचने के लिए कौन सुनियोजित ढंग से काम कर रहा था यह भी पता नहीं चल सका।

यही कारण है कि राशन की दुकानों के माल की गडबड़ के मामले सामने आ रहे हैं। पूरा एक तंत्र होने के बाद भी सरकारी राशन की शत प्रतिशत निगरानी नहीं है। एक तरह से यह दोनों मामले दब गए हैं।


टीम ने छापा मारा तो कुछ नहीं मिला

बता दें कि हाल ही में 30 सितंबर की रात करीब 10 बजे मुरार कैंटोनमेंट इलाके में वीरेंद्र शर्मा की राशन दुकान से 15 क्विंटल (30 बैग) चावल एक लोडिंग वाहन (एमपी 07 एल 3514) से पकड़ा गया था। ड्राइवर आशु जाटव ने पूछताछ में बताया था कि वह यह चावल यादव मार्केट की किसी दुकान पर ले जा रहा था। जब खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने इसी आधार पर यादव मार्केट की तीन राशन दुकानों पर छापा मारा, तो वहां जांच में कुछ नहीं मिला।

सरकारी राशन की हो रही है कालाबाजारी

इससे साफ हो गया कि ड्राइवर की बात झूठी थी और वह यह नहीं बता रहा है कि असल में माल कहां जा रहा था। वहीं, जब वीरेंद्र शर्मा के कंट्रोल रूम की जांच की गई, तो वहां 21 बोरे चावल कम पाया गया, जो सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि करता है कि सरकारी राशन की कालाबाजारी की जा रही थी। वाहन को मुरार थाने की अभिरक्षा में सौंपा गया है और जब्त चावल श्रीराम प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के सुपुर्द किया गया है।

सड़ रहा गेंहू, रखा-रखा हो जाएगा बर्बाद

435 क्विंटल से ज्यादा सरकारी गेहूं अब गोदाम में रखे-रखे सड़ने लगा है। करीब एक साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर छह में खाद्य विभाग के दल ने छापा मारकर सरकारी बोरियों में भरा 860 बैग (435.71 क्विंटल) गेहूं पकड़ा था। इस जब्त गेहूं की कुल कीमत करीब 11 लाख 70 हजार 238 रुपये बताई गई थी। दस्तावेजों की जांच में पता चला था कि 26 जून 2023 को यह अनाज रायसेन जिले से ग्वालियर के नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम (पीडीएस आपूर्ति के लिए) के लिए चला था।

लेकिन इसे सरकारी गोदाम में जमा करने की बजाय ट्रांसपोर्ट नगर के एक खुले परिसर में खाली करा लिया गया था। जब्ती के बाद से ही यह गेहूं एक साल से ज्यादा समय से पुरानी छावनी के सरकारी गोदाम में रखा है और अब खराब होने की कगार पर है।