
ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि । जड़ेरुआ रोड मुरार निवासी कक्षा 5वीं की छात्रा मुस्कान, 8वीं की नीलम और 10वीं की प्रेरणा मंगलवार सुबह हंसते हुए स्कूल गईं। दोपहर को जब घर लौटीं तो नगर निगम की जेसीबी उनके आशियानों को ढहा रही थी। माजरा समझते उन्हें देर नहीं लगी, क्योंकि जड़ेरुआ रोड के चौड़ीकरण की योजना के चलते उनके आशियाने उस जद में आ रहे थे।

सड़क किनारे सीवर लाइन के लिए खुदाई चल रही थी। यह देख उनकी आंखों में आंसू भर आए, क्योंकि बरसते पानी में उनके आशियाने ढहाए जा रहे थे। निगम ने उन्हें सिर छिपाने कोई दूसरा ठिकाना नहीं दिया था। नजदीक ही भाजपा नेता का एक स्कूल भी इस जद में आ रहा है, लेकिन उसे न चार माह पहले तोड़ा गया न मंगलवार को अधिकारी वहां तक पहुंचे, जिनके आशियाने उजड़े उनकी पीड़ा भी यही थी कि यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। मौके पर खड़े अधिकारी भी उनके सवालों के आगे निरुत्तर रहे। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ितों ने हंगामा भी किया और जेसीबी मशीन के आगे लेटकर तुड़ाई का विरोध भी किया। अमले ने कुल 21 कच्चे, मक्के मकान ढहाए।
भाजपा नेता को लेकर आक्रोश -
मुरार 6 नंबर चौराहा से जड़ेरूआ बांध की सड़क को 60 फीट चौड़ा किया जाना है। इसके लिए फरवरी के अंत में इस रोड पर अतिक्रमण कर बनाए आलीशान मकान ढहाए गए थे। उसी रोड पर भाजपा नेता पारस जैन के भाई बाबूलाल जैन का ऋषि गालव स्कूल है। वह भी चौड़ीकरण की जद में आ रहा है, लेकिन निगम अधिकारियों ने यह तर्क देकर उसे छोड़ दिया कि वह उनकी निजी संपत्ति है। मंगलवार को भी जेसीबी मशीनें वहां नहीं पहुंची। लोगों ने सवाल किया तो अधिकारी गोलमोल जवाब देकर अमले के साथ लौट गए, इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सुबह अचानक पहुंचा निगम अमला -
चार माह पहले मकान तोड़े गए थे, लेकिन दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने दीवार बनाकर टीनशेड डाल लिए और फिर रहने लगे। छह नंबर से जड़ेरूआ बांध तक 15 फीट गहरी सीवर की मेन ट्रंक लाइन बिछाने के लिए खुदाई की जा रही है। गरीबों के आशियाने खुदाई में बाधा बन रहे थे। मंगलवार सुबह निगम अधिकारी मदाखलत अमले को लेकर अचानक वहां पहुंच गए। पुलिस बल को भी बुला लिया। उस समय तक बच्चे स्कूल जा चुके थे और कई महिला पुरुष मजदूरी के लिए निकल चुके थे। बड़ी संख्या में अमला देख लोग सकते में आ गए। मशीनों ने झोपड़ियां और कच्चे मकान गिराना शुरू कर दिए। कुछ ही देर में कांग्रेस नेता अतिसुंदर सिंह, मितेन्द्र सिंह, कुलदीप कौरव, नवल गुप्ता और आम आदमी पार्टी की मनीक्षा सिंह तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया।
मशीनों के आगे लेटीं महिलाएं, हुई तकरार -
महिलाएं मशीनों के आगे लेट गईं और गालियां देने लगीं। लोगों का कहना था कि बरसते पानी में कहां जाएं। जिला प्रशासन या निगम ने उन्हें कोई दूसरा ठिकाना नहीं दिया है। गरीबों के लिए आवास योजना के फॉर्म तो ले लिए, लेकिन आवास नहीं दिए। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि तोड़फोड़ में गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है और भाजपा नेताओं को बचाया जा रहा है, यह भेदभाव नहीं चलेगा। चार घंटे हंगामा होता रहा। श्रेय लेने की होड़ में कई कई नेता वहां पहुंचे, पर उनके जाते ही तुड़ाई फिर शुरू कर दी। तुड़ाई के दौरान निगम के सिटी प्लानर ज्ञानेन्द्र सिंह जादौन, उपायुक्त एपीएस भदौरिया, भवन अधिकारी सुरेश अहिरवार, मदाखलत अधिकारी महेन्द्र शर्मा, क्षेत्राधिकारी महेन्द्र अग्रवाल आदि मौजूद थे।
रिकॉर्ड निकलवा रहे हैं -
तुड़ाई के बाद लोगों ने फिर कच्चे मकान बना लिए थे। सीवर लाइन में बाधक बनने के कारण उन्हें तोड़ा गया है। ऋषि गालव स्कूल पर कार्रवाई न होने से लोग आक्रोशित हैं। स्कूल भवन भी यदि योजना में बाधक है और वह निजी संपत्ति है तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। अधिकारियों से इसका रिकॉर्ड निकलवा रहे हैं।
ज्ञानेन्द्र सिंह जादौन, सिटी प्लानर, ननि
मुझे जानकारी नहीं -
ऋषि गालव स्कूल की जमीन निजी बताई जा रही है, लेकिन मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।
एपीएस भदौरिया, उपायुक्त ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र