ट्रेनों की आवाजाही पर ब्रेक: तीसरी लाइन के काम से राजधानी-शताब्दी समेत कई ट्रेनें 12 घंटे तक लेट, ग्वालियर स्टेशन पर परेशान हुए यात्री
शनिवार को ग्वालियर पहुंचने वाली कई ट्रेनें घंटों की देरी से आईं। कुछ ट्रेनें निर्धारित समय से आठ से 12 घंटे तक विलंबित रहीं।
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 09:53:23 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 09:53:45 PM (IST)
HighLights
- बीना-आगासौद के बीच चल रहा है काम
- सचखंड एक्सप्रेस 12 घंटे से अधिक देरी से पहुंची
- कनेक्टिंग ट्रेन छूटने की चिंता में रहे यात्री
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। करीब आठ किलोमीटर के रेलखंड पर जारी कार्य से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित है। इसका असर दिल्ली और भोपाल की ओर जाने वाले रेल यातायात पर भी पड़ रहा है। शनिवार को ग्वालियर पहुंचने वाली कई ट्रेनें घंटों की देरी से आईं। कुछ ट्रेनें निर्धारित समय से आठ से 12 घंटे तक विलंबित रहीं।
यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। जिन यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी या समय पर गंतव्य पहुंचना था, उनकी परेशानी बढ़ गई।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आठ घंटे 23 मिनट लेट
नई दिल्ली की ओर से आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आठ घंटे 23 मिनट की देरी से ग्वालियर पहुंची। सचखंड एक्सप्रेस छह घंटे 47 मिनट, झेलम एक्सप्रेस तीन घंटे पांच मिनट और दूरंतो एक्सप्रेस दो घंटे 23 मिनट विलंब से आई। गोंडवाना एक्सप्रेस दो घंटे 20 मिनट, अंडमान एक्सप्रेस दो घंटे नौ मिनट और लश्कर एक्सप्रेस एक घंटे 46 मिनट की देरी से पहुंचीं। श्रीधाम एक्सप्रेस एक घंटे और राजधानी एक्सप्रेस 44 मिनट विलंब से आई। केरला एक्सप्रेस भी दो घंटे 31 मिनट देरी से पहुंची।
झांसी की ओर से आने वाली ट्रेनें भी प्रभावित
झांसी की ओर से ग्वालियर आने वाली ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा। शताब्दी एक्सप्रेस एक घंटे चार मिनट की देरी से पहुंची, जबकि लश्कर एक्सप्रेस नौ घंटे विलंब से आई। पंजाब मेल 10 घंटे 14 मिनट देरी से पहुंची। सचखंड एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित ट्रेनों में रही और 12 घंटे 47 मिनट की देरी से ग्वालियर पहुंची।
ट्रेनों के लेट होने यह कारण भी हैं
बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन के काम के अलावा अन्य स्थानों पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य भी ट्रेनों की समय-सारिणी बिगाड़ रहे हैं। लगातार देरी के कारण यात्रियों को आगे की यात्रा की योजना बदलनी पड़ रही है। स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को अपनी अगली कनेक्टिंग ट्रेन छूटने की चिंता भी सताती रही।