World Health Day: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हमारे ऋषि-मुनियों ने पहला सुख-निरोगी काया को बताया है। इसका आशय है कि जिस व्यक्ति का शरीर स्वस्थ है, रोग रहित है, वह व्यक्ति सबसे सुखी है। यदि शरीर स्वस्थ न हो तो संसार के सब वैभव, आस्वाद फीके हैं। यह बात हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के 75वें स्थापना दिवस पर इसलिए बता रहे हैं ताकि हम ना सिर्फ स्वयं स्वस्थ रहें बल्कि समाज के अन्य लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। यह काम छोटे-छोटे प्रयासों से कर सकते हैं। मसलन पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाएं ताकि सभी को प्राणवायु मिले, प्रदूषण नियंत्रण के लिए जहरीले धुएं उगलने वाले वाहनों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें। क्योंकि इस वर्ष के विश्व स्वास्थ्य दिवस के लिए डब्ल्यूएचओ ने सबके लिए स्वास्थ्य थीम तय की है। इस मौके पर हम शहर के ऐसे कुछ लोगों के माध्यम से बता रहे हैं कि वे स्वस्थ रहने के लिए क्या करते हैं और समाज के स्वास्थ्य के लिए क्या कर रहे हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी महामारी कोरोना का हमने हाल ही में सामना किया है। उस समय कुछ काम नहीं आया। अगर आप सेहतमंद थे यानी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी थी तो कोरोना का बाल का बांका भी नहीं कर सका। इसलिए सबसे जरूरी है आपका स्वास्थ्य। सेहत ही सर्वोपरि है, इस बात को देश की प्रख्यात गायिका और भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर के इंटरनेट पर बहु प्रसारित हुए पऋ से समझ सकते हैं। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने कहा था कि दुनिया की सबसे महंगी कार मेरे गैराज में खड़ी है, पर आज मुझे व्हीलचेयर पर ले जाया जाता है। इस दुनिया में हर तरह के डिजाइन और रंग के महंगे कपड़े, महंगे जूते, महंगे साजो सामान सब मेरे घर में हैं, लेकिन मैं अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराए गए छोटे गाउन में हूं। मेरे बैंक खाते में बहुत पैसा है जो मेरे किसी काम का नहीं है। आज कोई भी सुविधा ने मेरी मदद नहीं की, इसलिए आप दयालु बनें, किसी की भी मदद करें जो आप कर सकते हैं।
मैंने बदल दी दिनचर्या
कोविड के बाद से मैंने अपनी दिनचर्या व खानपान में परिवर्तन कर दिया है। अब रात में जल्द सोता हूं, जिससे सुबह जल्दी जाग सकूं। इसके बाद ब्रीदिंग एक्सरसाइज के साथ ध्यान व योग करता हूं। पहले नाश्ता और फिर सीधे शाम को खाना लेता था पर अब दोपहर में प्रोटीन शेक भी लेने लगा हूं।
अरविंद अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष चैंबर आफ कामर्स
हर साल 55 हजार पौधे तैयार करता हूं
शहर में हरियाली होगी तो पर्यावरण स्वच्छ होगा इसलिए मैंने अपनी 29 बीघा जमीन में से पांच बीघा में पौधे तैयार करता हूं और नगर निगम व जिला पंयायत को हर साल 50 हजार पौधे उपलब्ध कराता हूं। इसके अलावा पांच हजार पौधे ग्रामीणों को निश्शुल्क देता हूं, क्योंकि यही पौधे आगे चलकर पेड़ बनेंगे जो हमारे भविष्य के लिए आक्सीजन देंगे। मैंने एक बीघा जमीन आर्ट आफ लिविंग में मेडिटेशन के लिए दान दे दी है। जिससे यहां पर मेडिटेशन सेंटर तैयार हो और लोगों को इसका लाभ मिले।
उमेश प्रताप सिंह, रिटायर्ड एसडीओ, वन विभाग
ईवी खरीदने की मंशा, पर्यावरण संरक्षण
अभी तक पेट्रोल व डीजल कार का उपयोग करता था। लेकिन इससे पर्यावरण में प्रदूषण फैलता है। जिसको देखते हुए इस बार मेले से ईवी कार खरीदी। अब मैं इसी कार का आने जाने में प्रयोग करता हूं। इसका मुख्य उद्देश्य है प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना। ईवी बाइक व कार किफायती होने के साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए अच्छा विकल्प है।
जेडी सूर्यवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
मन को एकाग्र करता योग
दौड़ धूप के चलते लोग मानसिक तनाव में है। जिसके कारण लोग शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। योग आपके मन को एकाग्र करता है। जिससे तनाव कम होता है और आप बीमारियों से बचते हैं। कोविड के बाद लोगों का झुकाव योग की ओर तेजी से हुआ है। लोगों को प्रशिक्षण देने के साथ ही परिवार के सभी सदस्य योग-प्राणायाम और ध्यान करते हैं।
गौरव जैन,योग गुरु