
World Tuberculosis Day: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। अगर सोच सकारात्मक हो तो बड़ी से बड़ी बाधा को पार करने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। जिले के 18 ऐसे लोग हैं जिन्होंने टीबी जैसी गंभीर बीमारी को मात दी। अब वह दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं। क्षय रोग विभाग के अमले के साथ यह लोग न केवल शहर बल्कि गांव देहात में पहुंचकर लोगों को टीबी से बचाव का संदेश देने के साथ टीबी रोगियों के प्रति हुए भेदभाव को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि दुनिया से वर्ष 2030 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक भारत से टीबी उन्मूलन का आह्वान किया है। इस लक्ष्य के लिए जन जनजागरूकता और जनसहयोग जरुरी है। इसी के तहत क्षय रोग को मात दे चुके टीबी चैंपियन मैदान में उतर क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग दे रहे हैं। इधर टीबी उन्मूलन की दिशा में देश में पहली बार चिन्हित वयस्कों को बीसीजी का टीका लगाया जा रहा। जिले में वयस्क बीसीजी टीकाकरण का शुभारंभ 7 मार्च को किया जा चुका है। अब तक 10 हजार 212 टीका लगाए जा चुके हैं। सोमवार और गुरुवार को यह टीके लगाए जाते हैं।
18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बीसीसी का टीका लगाया जा रहा है। ग्वालियर जिले में वयस्कों की संख्या 9.25 लाख है। इसके विरुद्ध 3 लाख 86 हजार लोगों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। वहीं टीबीविन पोर्टल 2 लाख 92 हजार 951 लोगों का चिन्हित कर प्री-रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। जिला क्षय अधिकारी डा. विजय पाठक ने बताया कि वयस्क बीसीजी टीका द्वारा टीबी रोग की रोकथाम की जा रही है इसके तहत छह श्रेणी में लक्षित आबादी को टीकाकरण किया जाना है। जिससे उनका टीवी रोग से बचाव संभव हो सके।
डा. पाठक ने बताया की प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 218 निक्षय मित्र बन चुके हैं। जिन्होंने 3000 से ज्यादा टीबी मरीजों को पोषण आहार किट प्रदान की है। बीते वर्ष 2023 में 82 हजार 345 व्यक्तियों की टीबी जांच की गई। इनमें से 12 हजार 312 टीबी मरीजों को खोजा जा सका। यह लक्ष्य के 102 प्रतिशत थे।
टीबी रोग है यह जानने के बाद भी उम्मीद नहीं छोड़ी। लगातार सकारात्मक सोच की वजह से इस बीमारी से लड़ने में ताकत मिली। अस्पताल जाकर लक्षणों के अनुसार जांच करवाई। चिकित्सकों द्वारा टीबी की पुष्टि होने पर दवा शुरू कराई और इलाज पूरा होने तक रोज दवा खाने को कहा। डाक्टर के परामर्श पर पूरा इलाज लिया और टीबी को मात देकर आज लोगों को जागरूक करने में विभाग का सहयोग कर रहा हूं।
विनीत राय, टीबी चैंपियन
मैं बिलकुल ठीक हूं पर मुझे लगता है अपने क्षेत्र के अन्य टीबी रोगियों को भी इसके बारे में जागरूक करना मेरी जिम्मेदारी है। इसलिए मैं अब समाज के अंदर टीबी रोगियों के प्रति हुए भेदभाव को दूर करने का प्रयास का रहा हूं व समाज में जन जागरुकता लाने का भी प्रयास करूंगा। सरकार द्वारा टीबी रोगियों को मुफ्त में दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं साथ ही निश्चय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद दी जाती है।
करन पाल, टीबी चैंपियन
क्षय दिवस पर हम सभी संकल्प लें की अपने ग्वालियर को टीबी मुक्त जिला बनाएंगे। वैसे टीबी रोगथाम के लिए प्रयास चल रहे हैं और हम इनमें सफल भी हो रहे हैं। वयस्क बीसीजी वैक्सीन द्वारा टीबी रोग की रोकथाम की जा रही है।
डा.विजय पाठक, जिला क्षय अधिकारी, ग्वालियर